ग्रेटर नोएडा: कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की थाना फेस-3 पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन साइबर वज्र’ के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गैंग का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में एक युवती समेत कुल 7 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में मोबाइल फोन, चेकबुक और ठगी से जुड़ी डेटा लिस्ट बरामद की गई है।
कैसे काम करता था यह गैंग?
एडीसीपी सेंट्रल नोएडा स्वतंत्र सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बाइट में बताया कि पकड़े गए ये आरोपी ‘म्युल अकाउंट’ (Mule Accounts/फर्जी बैंक खाते) तैयार करने का काम करते थे। ये लोग भोले-भाले या लालच देकर लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे और फिर उन खातों के डिटेल्स मुख्य साइबर अपराधियों (साइबर ठगों) को मुहैया कराते थे।
देशभर में लोगों से ऑनलाइन ठगी और धोखाधड़ी के जरिए ठगा गया अवैध पैसा इन्हीं म्युल अकाउंट्स में ट्रांसफर किया जाता था, जिससे अपराधियों की असली पहचान छिपी रहती थी।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई
थाना फेस-3 पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस, लोकल इंटेलिजेंस और पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस अब इन आरोपियों के बैंक खातों की वित्तीय ट्रेल (Financial Trail) खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन खातों के जरिए अब तक कितने करोड़ रुपए की ठगी को अंजाम दिया जा चुका है और इस नेटवर्क के तार देश के किन-किन राज्यों से जुड़े हैं।
गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।



