लखनऊ: केंद्र सरकार के संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश से जुड़े कई बड़े राजनीतिक फैसले ले सकते हैं। भाजपा की रणनीति प्रदेश में संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाकर चुनावी समीकरण मजबूत करने की बताई जा रही है।
यूपी क्यों है सबसे अहम?
लोकसभा चुनाव 2024 में उत्तर प्रदेश में भाजपा को अपेक्षा से कम सीटें मिली थीं। ऐसे में पार्टी अब 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट चुकी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में उत्तर प्रदेश के नेताओं की संख्या और प्रभाव बढ़ाकर भाजपा सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश कर सकती है।
नए चेहरों को मिल सकता है मौका
मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं के बीच मेरठ से सांसद अरुण गोविल का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। टीवी धारावाहिक रामायण में भगवान राम की भूमिका निभाने वाले अरुण गोविल की लोकप्रिय छवि को भाजपा राजनीतिक रूप से भी उपयोगी मान रही है। इसके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा, पूर्व सांसद डॉ. संजीव बालियान और राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा के नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल बताए जा रहे हैं।
पंकज चौधरी की नई जिम्मेदारी का असर
हाल ही में उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनाए गए पंकज चौधरी यदि पूरी तरह संगठन की जिम्मेदारी संभालते हैं, तो केंद्रीय मंत्रिमंडल में उनकी जगह खाली हो सकती है। ऐसे में पूर्वांचल से किसी नए ओबीसी चेहरे को केंद्र सरकार में शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
पश्चिमी यूपी पर विशेष फोकस
भाजपा पिछले कुछ समय से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगातार विकास परियोजनाओं और राजनीतिक गतिविधियों पर जोर दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लगातार दौरे भी इसी रणनीति का हिस्सा माने जा रहे हैं। ऐसे में इस क्षेत्र से किसी प्रभावशाली सांसद को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल कर चुनाव से पहले मजबूत राजनीतिक संदेश देने की कोशिश हो सकती है।
फिलहाल यूपी से ये नेता केंद्र सरकार में हैं
वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित अनुप्रिया पटेल, जयंत चौधरी, जितिन प्रसाद, कीर्तिवर्धन सिंह, एसपी सिंह बघेल, कमलेश पासवान और बीएल वर्मा जैसे नेता केंद्र सरकार में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
आधिकारिक घोषणा का इंतजार
हालांकि, केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अभी तक सरकार या भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। फिलहाल सभी नाम राजनीतिक चर्चाओं और संभावनाओं के आधार पर सामने आ रहे हैं। अंतिम फैसला प्रधानमंत्री और पार्टी नेतृत्व की सहमति के बाद ही स्पष्ट होगा।

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