गाजियाबाद: गाजियाबाद के प्रतिष्ठित एमएमएच (MMH) डिग्री कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कार्यवाहक प्राचार्य से सीधे बातचीत करने से इनकार कर दिया और अपना 22 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सीधे प्रबंधक समिति को सौंपा।
कार्यवाहक प्राचार्य की नियुक्ति पर खड़े किए सवाल
प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने वर्तमान कार्यवाहक प्राचार्य की नियुक्ति प्रक्रिया पर गंभीर सवालिया निशान लगाए। कार्यकर्ताओं का कहना है कि नियमों के अनुसार किसी भी वरिष्ठ शिक्षक को अधिकतम तीन महीने के लिए ही कार्यवाहक प्राचार्य बनाया जा सकता है, जबकि मौजूदा कार्यवाहक प्राचार्य करीब दो साल से इस पद पर जमे हुए हैं, जबकि कॉलेज में उनसे कहीं अधिक वरिष्ठ शिक्षक पहले से मौजूद हैं।
इन प्रमुख समस्याओं को लेकर प्रदर्शन
छात्र संगठन ने कॉलेज प्रशासन पर मनमानी और उदासीनता का आरोप लगाते हुए कई बड़ी समस्याएं उठाईं:
खेल सुविधाएं और बुनियादी जरूरतें: कॉलेज में खेल सुविधाओं का भारी अभाव है। इसके अलावा छात्रों के लिए फ्री पार्किंग, परिसर में साफ-सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं का लंबे समय से समाधान नहीं किया जा रहा है।
भूगोल विभाग में शिक्षकों का संकट: भूगोल विभाग में पहले से ही शिक्षकों की कमी है। इसके बावजूद विभाग से शिक्षकों को एनओसी (NOC) देकर अन्य संस्थानों में जाने की अनुमति दी जा रही है, जिससे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
जवाबदेही का अभाव: छात्रों और शिक्षकों की शिकायतों पर कॉलेज प्रशासन द्वारा कोई संतोषजनक कार्रवाई या जवाबदेही तय नहीं की जा रही है।
48 घंटे का अल्टीमेटम और चेतावनी
एबीवीपी ने कॉलेज की प्रबंधक समिति को कुल 22 मांगों का ज्ञापन सौंपते हुए स्पष्ट कर दिया है कि यदि अगले 48 घंटों के भीतर उनकी मांगों पर उचित कदम नहीं उठाए गए, तो छात्र परिषद कॉलेज परिसर में उग्र और अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी।



