
नोएडा/गाजियाबाद: महागुन मॉन्टेज परियोजना के खरीदारों ने बिल्डर के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दी है। खरीदारों का कहना है कि वर्ष 2016 में लॉन्च हुई इस आवासीय परियोजना में उन्हें तय समय पर फ्लैट का कब्जा नहीं मिला। शिकायत के अनुसार बिल्डर ने 2021 तक पजेशन देने का वादा किया था, लेकिन कई वर्षों बाद भी परियोजना पूरी नहीं हो सकी।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अधिकांश खरीदारों से लगभग 70 प्रतिशत भुगतान लिया जा चुका है, जबकि प्रोजेक्ट का निर्माण अभी भी अधूरा है। खरीदारों का दावा है कि परियोजना की प्रगति अपेक्षा से काफी कम है, जिससे सैकड़ों परिवार आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
खरीदारों ने अपनी शिकायत में कहा है कि बिल्डर-बायर एग्रीमेंट (BBA) के अनुसार देरी होने पर खरीदारों को पेनल्टी और ब्याज दिए जाने का प्रावधान है, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी या भुगतान नहीं किया गया है। इसके अलावा अतिरिक्त राशि की मांग और अन्य शर्तों को लेकर भी खरीदारों ने आपत्ति जताई है।
शिकायत में परियोजना का फॉरेंसिक ऑडिट, वित्तीय लेन-देन की जांच तथा संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। खरीदारों का दावा है कि इस परियोजना से करीब 800 परिवार प्रभावित हैं और उन्हें समय पर न्याय दिलाने की आवश्यकता है।
खरीदारों ने पुलिस से मामले में FIR दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि वर्षों से घर का इंतजार कर रहे परिवार किराया और EMI दोनों का बोझ उठाने को मजबूर हैं।
बिल्डर का पक्ष: इस मामले में समाचार प्रकाशित होने तक बिल्डर की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बिल्डर का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।




