ग्रेटर नोएडा, 3 सितंबर 2026। Greater Noida Authority
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 144वीं बोर्ड बैठक में शहर के विकास, कनेक्टिविटी, श्रमिकों की सुविधाओं और नागरिक सेवाओं से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। बोर्ड ने श्रमिकों के लिए ईडब्ल्यूएस आवास और ट्रांजिट लेबर हॉस्टल, सेक्टर अल्फा-1 में पब्लिक लाइब्रेरी, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी सुधारने के लिए डबल डेकर रोड, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तक 105 मीटर चौड़ी सड़क समेत कुल सात महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी।
श्रमिकों के लिए ईडब्ल्यूएस आवास और लेबर हॉस्टल
ग्रेटर नोएडा में रोजगार की तलाश में आने वाले अप्रवासी श्रमिकों के लिए प्राधिकरण पतवाड़ी और बिरौंडी गांव में ईडब्ल्यूएस फ्लैट बनाएगा। इसके लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है और सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद इस साल के अंत तक निर्माण शुरू करने का लक्ष्य है। इससे निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को सुरक्षित एवं सुविधायुक्त आवास मिल सकेगा।
इसके अलावा ट्रांजिट लेबर हॉस्टल के लिए ईकोटेक-06 और ईकोटेक-11 में 3000-3000 वर्ग मीटर भूमि श्रम विभाग को निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। यहां श्रमिक कम किराए पर अस्थायी आवास की सुविधा ले सकेंगे।
अल्फा-1 में बनेगी पब्लिक लाइब्रेरी
बोर्ड ने सेक्टर अल्फा-1 में 1360 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में पब्लिक लाइब्रेरी बनाने को भी मंजूरी दी है। इसमें 440 वर्ग मीटर में तीन मंजिला लाइब्रेरी होगी, जबकि शेष हिस्से में पार्किंग, शौचालय और अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। बच्चों, छात्रों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए किताबों की सुविधा उपलब्ध होगी। छात्रों को न्यूनतम शुल्क पर किताबें इश्यू कराने की सुविधा मिलेगी। निर्माण इस साल के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा ग्रेटर नोएडा
ग्रेटर नोएडा की 130 मीटर चौड़ी सड़क को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना पर भी बोर्ड ने सहमति दी है। पहले चरण में एक मूर्ति तक डबल डेकर सड़क बनाने का प्रस्ताव है। इसकी अनुमानित लागत 756.01 करोड़ रुपये होगी। परियोजना की लागत यमुना एक्सप्रेसवे, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद प्राधिकरण मिलकर वहन करेंगे।
इस परियोजना से ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।
ईस्टर्न पेरिफेरल तक बनेगी 105 मीटर चौड़ी सड़क
ग्रेटर नोएडा फेस-1 और फेस-2 के साथ डीएनजीआईआर क्षेत्र को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए 105 मीटर चौड़ी सड़क विकसित की जाएगी। फेस-2 में जुनपत से ईस्टर्न पेरिफेरल तक करीब 12 किलोमीटर सड़क बनाई जाएगी। यह सड़क 10 लेन और चार सर्विस लेन की होगी। रेलवे लाइन, ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर लिंक लाइन और जीटी रोड पर तीन ओवरब्रिज भी बनाए जाएंगे।
रिठौरी में बनेगा फुटओवर ब्रिज
ग्रामीणों की सुविधा के लिए रिठौरी में रेलवे लाइन के ऊपर फुटओवर ब्रिज बनाने को मंजूरी दी गई है। इसमें रैंप, सीढ़ियों और लिफ्ट की सुविधा होगी। निर्माण का खर्च ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण उठाएगा। रेलवे से आवश्यक स्वीकृति और एनओसी लेने की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।
आवासीय भूखंडों पर निर्माण के लिए अंतिम मौका
आवासीय भूखंडों के आवंटियों को निर्माण पूरा करने और कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र लेने के लिए 30 जून 2028 तक अतिरिक्त समय दिया गया है। यह सुविधा वर्तमान विलंब शुल्क के साथ मिलेगी। निर्धारित अवधि के बाद कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र नहीं लेने पर आवंटन रद्द किया जा सकता है।
एनडीआरएफ को 30 फ्लैट निशुल्क
आपदा और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित राहत-बचाव के लिए सेक्टर ओमीक्रॉन-1ए में एनडीआरएफ के रीजनल रिस्पॉन्स सेंटर को 30 फ्लैट निशुल्क आवंटित करने का फैसला लिया गया है। इनका उपयोग कैंप, परिसर और स्टाफ कार्यालय के रूप में किया जाएगा।
मैकेनिकल स्वीपिंग से बेहतर होगी सफाई
ग्रेटर नोएडा में धूल-मिट्टी नियंत्रण और वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए सेंट्रल और ईस्ट जोन की सड़कों की पांच साल तक मैकेनिकल स्वीपिंग कराई जाएगी। दोनों जोन के लिए कॉन्ट्रैक्टर का चयन किया जा चुका है। प्राधिकरण मशीनरी उपलब्ध कराएगा, जबकि संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी कॉन्ट्रैक्टर की होगी।
इन फैसलों से ग्रेटर नोएडा में श्रमिकों और छात्रों के लिए सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ शहर की कनेक्टिविटी, सफाई व्यवस्था और आपदा प्रबंधन को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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