गौतमबुद्धनगर को मिले 566 नए रक्षक: भव्य पासिंग आउट परेड में CP लक्ष्मी सिंह ने ली सलामी, ईमानदारी और सेवा की दिलाई शपथ

गौतमबुद्धनगर को मिले 566 नए रक्षक: भव्य पासिंग आउट परेड में CP लक्ष्मी सिंह ने ली सलामी, ईमानदारी और सेवा की दिलाई शपथ

गौतमबुद्धनगर (सूरजपुर पुलिस लाइन्स): पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की सुरक्षा व्यवस्था को आज नया उत्साह और युवा शक्ति मिली है। सूरजपुर स्थित पुलिस लाइन्स में आयोजित एक भव्य दीक्षांत समारोह (Passing Out Parade) में 566 रिक्रूट आरक्षियों ने अपना प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर पुलिस सेवा में विधिवत कदम रखा। इस गौरवमयी पल के साक्षी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और रिक्रूट आरक्षियों के गौरवान्वित परिजन बने।

CP लक्ष्मी सिंह ने ली परेड की सलामी
दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह ने शिरकत की। उन्होंने परेड का निरीक्षण किया और नवप्रशिक्षित जवानों की शानदार पासिंग आउट परेड की सलामी ली। वर्दी में सजे युवा आरक्षियों के चेहरे पर सेवा का संकल्प और उत्साह साफ झलक रहा था।

“पुलिस सेवा नौकरी नहीं, राष्ट्र के प्रति दायित्व है”
नवप्रशिक्षित जवानों को संबोधित करते हुए पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने उन्हें बधाई दी और कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गुरुमंत्र दिया। उन्होंने कहा:
ईमानदारी और अनुशासन: पुलिस की वर्दी का सम्मान तभी है जब आप पूर्ण ईमानदारी और अनुशासन के साथ काम करें।
संवेदनशीलता: जनता के प्रति संवेदनशील बनें और उनकी शिकायतों का त्वरित समाधान करें।
बड़ा दायित्व: उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिस सेवा केवल एक नौकरी नहीं है, बल्कि यह समाज और राष्ट्र के प्रति एक अत्यंत महत्वपूर्ण दायित्व है।

9 महीने का कठोर प्रशिक्षण और आधुनिक कौशल
इन 566 रिक्रूट आरक्षियों ने करीब 9 महीने तक पुलिस लाइन्स में कठोर मानसिक और शारीरिक प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इस दौरान उन्हें:
कानून-व्यवस्था और आईपीसी/बीएनएस की धाराएं।
आपदा प्रबंधन और मानवाधिकारों का सम्मान।
सामुदायिक पुलिसिंग (Community Policing)।
आधुनिक तकनीकों और फॉरेंसिक साक्ष्यों की बारीकियां सिखाई गईं।

आकाश बने ‘बेस्ट रिक्रूट’, प्रशिक्षक भी सम्मानित
कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले आरक्षियों को पुरस्कृत किया गया। रिक्रूट आरक्षी आकाश को उनके सर्वांगीण सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन (Best Performance) के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। साथ ही, उन प्रशिक्षकों को भी सम्मानित किया गया जिन्होंने इन जवानों को एक कुशल पुलिसकर्मी के रूप में ढालने में कड़ी मेहनत की।

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