भाकियू का बड़ा ऐलान: मांगों पर सुनवाई न हुई तो 18 जून के बाद होगी महापंचायत, प्रशासन को 8 दिन का अल्टीमेटम

भाकियू का बड़ा ऐलान: मांगों पर सुनवाई न हुई तो 18 जून के बाद होगी महापंचायत, प्रशासन को 8 दिन का अल्टीमेटम

दनकौर (गौतम बुद्ध नगर)। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने अपनी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। दनकौर में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में संगठन ने आगामी आंदोलनों की रणनीति तैयार की और प्रशासन को 8 दिनों का अल्टीमेटम दिया है।

बैठक के प्रमुख निर्णय और आगामी रणनीति
राष्ट्रीय महामंत्री पवन खटाना की उपस्थिति में हुई इस बैठक में संगठन ने साफ कर दिया है कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
हरिद्वार शिविर (15-18 जून): संगठन आगामी 15 से 18 जून तक हरिद्वार में एक विशेष शिविर आयोजित करेगा। इसमें टेंट, भोजन, आवास और स्वयंसेवकों की व्यवस्था के साथ-साथ संगठन के वार्षिक लेखा-जोखा पर चर्चा की जाएगी। सभी कार्यकर्ताओं को अपने साथ ‘झंडा-डंडा’ लाने के निर्देश दिए गए हैं।
महापंचायत की चेतावनी: पवन खटाना ने बताया कि हरिद्वार शिविर के बाद 18 जून को रणनीति तय की जाएगी। यदि तब तक प्रशासन ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में एक विशाल महापंचायत की घोषणा की जाएगी।
प्रशासन को 8 दिन का अल्टीमेटम: भाकियू ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे 64.7% मुआवजा, 10% किसान कोटा प्लॉट, आबादी निस्तारण, खाद की कालाबाजारी और नहरों में पानी की किल्लत जैसी समस्याओं का समाधान करें।

संगठन विस्तार पर जोर
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत बनाया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक गांव में इकाई का गठन पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, ‘किसान युवा संवाद’ के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं को संगठन से जोड़ने की पहल की जाएगी।

बैठक में इनकी रही सक्रिय भागीदारी
इस समीक्षा बैठक की अध्यक्षता राजाराम प्रधान ने की, जबकि संचालन सुनील प्रधान ने किया। बैठक में पवन खटाना, अनित कसाना, सुरेंद्र नागर, बेली भाटी, शमशाद सैफी, अकबर अली, धर्मपाल सिंह, ताराचंद, अशोक कुमार, चंद्रपाल सिंह, अजीत अधाना, ऋषि शर्मा, राजपाल सिंह, ऋषि सिंह, हनीफ लाला चौधरी, संदीप खटाना, योगेश भाटी, नवनीत खटाना, बृजपाल सिंह, सनी तंवर, अनिल धामा, अमित आदित्य शर्मा, मनीष सिंह, अमित जैलदार, सचिन, संदीप एडवोकेट, सचिन कसाना, अनिल, अमित डेढा, गुलफाम, राकेश चौधरी, कपिल तवर, चिराग बैसला, परविंदर मावी, लाला यादव, प्रकाश फौजी, केशव शर्मा, विजेंद्र सिंह लाल पीलवान, इंद्रजीत, इंद्रीश चेची, सरवर हुसैन, सुभाष, अर्जुन प्रधान, सूरज भाटी, कालू भाटी, विदुर भाटी, सतै भाटी, सुरेंद्र सिंह, गजेंद्र चौधरी, शाकीर सैफी, जीते गुर्जर, गुल्लू अट्टा, धर्मेंद्र भाटी, रामकुमार शर्मा, आलोक शर्मा, सुरेश नागर और वीरपाल नागर सहित सैकड़ों कार्यकर्ता व पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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