गाजियाबाद (लोनी): प्रतिभा किसी परिचय की मोहताज नहीं होती और जब मेहनत को सफलता का मुकाम मिलता है, तो जश्न पूरे समाज का बन जाता है। गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र स्थित रिश्तल गांव में आज ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास करने वाले होनहार छात्रों के सम्मान में एक भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया गया। हजारों की संख्या में उमड़े ग्रामीणों ने अपने ‘लाड़लों’ को फूल-मालाओं से लाद दिया।
किसान के बेटे रॉकी कसाना ने गाड़ा सफलता का झंडा
UPSC परीक्षा में 542वीं रैंक हासिल करने वाले रॉकी कसाना की कहानी संघर्ष और दृढ़ निश्चय की मिसाल है। एक साधारण किसान परिवार से आने वाले रॉकी पहले से ही असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर देश की सेवा कर रहे थे, लेकिन उनका लक्ष्य सिविल सेवा था।
श्रेय: रॉकी ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता और परिवार के संघर्ष को दिया। उन्होंने कहा कि वर्दी से अब सिविल सेवा के जरिए वे समाज के हित में कार्य करना चाहते हैं।
ऑनलाइन पढ़ाई कर कोमल मावी ने मारी बाजी
परीक्षा में 314वीं रैंक प्राप्त करने वाली कोमल मावी ने आधुनिक दौर की शिक्षा पद्धति का लोहा मनवाया है। उन्होंने बताया कि उनकी सफलता में ‘ऑनलाइन पढ़ाई’ का बड़ा योगदान रहा।
संकल्प: कोमल ने कहा कि एक महिला अधिकारी के तौर पर उनकी प्राथमिकता महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें सशक्त बनाना होगी।
उत्सव में बदला रिश्तल गांव
समारोह के दौरान पूर्व प्रमुख ऋषिपाल, डॉक्टर चाणक्य और अनिल प्रमुख जैसे क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहे। ग्रामीणों का कहना था कि रॉकी और कोमल की यह उपलब्धि लोनी क्षेत्र के हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। कार्यक्रम में दोनों अभ्यर्थियों ने जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा के अवसर प्रदान करने में मदद करने का भी भरोसा दिलाया।

