Hapur News : हापुड़ में गौरव त्यागी हत्याकांड में पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, डीआईजी ने दो दरोगा समेत चार पुलिसकर्मियों को किया लाइन हाजिर

Hapur News : हापुड़ में गौरव त्यागी हत्याकांड में पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज, डीआईजी ने दो दरोगा समेत चार पुलिसकर्मियों को किया लाइन हाजिर

Hapur News : गौरव त्यागी हत्याकांड के बाद पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवालों पर विभागीय कार्रवाई शुरू हो गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए मेरठ रेंज के डीआईजी कलानिधि नैथानी ने बुधवार देर रात बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने दो दरोगा सहित चार पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है और पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।

जांच में बाबूगढ़ थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी, हल्का प्रभारी, बीट सिपाही और संबंधित एलआईयू कर्मी की भूमिका की पड़ताल की जाएगी। सबसे अहम बिंदु यह होगा कि हत्या से पहले भूमि विवाद को लेकर थाने पर कौन-कौन सी शिकायतें आई थीं और उन पर पुलिस ने क्या कार्रवाई की थी।

डीआईजी के आदेश के बाद जांच का दायरा सिर्फ वारदात वाले दिन तक सीमित नहीं रहेगा। इस विभागीय जांच की जिम्मेदारी अपर पुलिस अधीक्षक विनीत भटनागर को दी गई है। जांच टीम यह देखेगी कि हत्याकांड से पहले बाबूगढ़ क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता कैसी थी और विवाद से जुड़ी पूर्व सूचनाओं पर किस स्तर पर कदम उठाए गए। यह भी परखा जाएगा कि तनाव की जानकारी होने के बावजूद निरोधात्मक कार्रवाई में कोई लापरवाही तो नहीं बरती गई।

प्रारंभिक कार्रवाई में कुचेसर चौपला चौकी प्रभारी ओमकार गंगवार, पूर्व चौकी प्रभारी नीरज कुमार और हेड कांस्टेबल शाहिद और इकराम को लाइन हाजिर किया गया है। इनके अलावा बाबूगढ़ के मौजूदा थाना प्रभारी, हल्का प्रभारी, बीट कर्मचारी और एलआईयू कर्मी के कामकाज की भी समीक्षा होगी। विभागीय जांच में पुरानी शिकायतों के रिकॉर्ड और उन पर हुई कार्रवाई को खंगाला जाएगा।

गौरव त्यागी बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर आजमपुर गांव के रहने वाले थे। मंगलवार को वह एक मुकदमे की पैरवी के लिए कचहरी जा रहे थे। रास्ते में ददायरा और धनौरा के बीच कार सवार सात लोगों ने उनकी कार रोक ली और हथौड़ों तथा धारदार हथियारों से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल गौरव को मेरठ ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

इस मामले में एसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि पुलिस ने दो आरोपियों राजवीर और जयपाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पांच आरोपी अभी फरार हैं, जिन पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें लगाई गई हैं जो हापुड़ सहित आसपास के जिलों में दबिश दे रही हैं।

डीआईजी ने सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जमीन और संपत्ति से जुड़े विवादों को हल्के में न लिया जाए। ऐसी शिकायतों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जाए ताकि विवाद खूनी संघर्ष में न बदले।