नोएडा: पुलिस कमिश्नर के कड़े निर्देशन में नोएडा की साइबर क्राइम पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने सेक्टर-76 में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ठगी करने वाले गिरोह के सरगना समेत चार शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह मुख्य रूप से अमेरिका और यूरोप के नागरिकों को अपना निशाना बनाता था।
सेक्टर-76 से संचालित हो रहा था ‘ठगी का सेंटर’
साइबर क्राइम पुलिस को सूचना मिली थी कि सेक्टर-76 के एक परिसर से विदेशी नागरिकों के साथ डिजिटल धोखाधड़ी की जा रही है। पुलिस टीम ने जब वहां छापेमारी की, तो मौके से चार आरोपियों को रंगे हाथ दबोच लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:
- मो० बिलाल (मूल निवासी: दिल्ली)
- देव कपाही (मूल निवासी: दिल्ली)
- अभिषेक (मूल निवासी: राजस्थान)
- कुशाग्र (मूल निवासी: राजस्थान)
ठगी का ‘वायरस’ वाला तरीका
पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था। ठगी का तरीका कुछ इस प्रकार था:
- फर्जी विज्ञापन: ये लोग सोशल मीडिया पर लुभावने और फर्जी विज्ञापन देकर विदेशी नागरिकों को जाल में फंसाते थे।
- वायरस का खेल: शातिर ठग पहले विदेशी नागरिकों के लैपटॉप या कंप्यूटर में वायरस भेज देते थे, जिससे उनका सिस्टम स्लो या हैक जैसा व्यवहार करने लगता था।
- हेल्प डेस्क का झांसा: इसके बाद ये खुद को टेक्निकल सपोर्ट टीम बताकर उन्हें कॉल करते और सिस्टम ठीक करने का झांसा देते थे।
- डॉलर और क्रिप्टो का कनेक्शन: ठगी की रकम ये लोग डॉलरों में वसूलते थे। पकड़े जाने से बचने के लिए ये उस रकम को क्रिप्टो करेंसी वॉलेट में बदलते थे और फिर उसे भारतीय बैंक खातों में ट्रांसफर कर लेते थे।
बरामदगी का विवरण
पुलिस ने मौके से तकनीकी उपकरणों का जखीरा बरामद किया है, जिसका उपयोग ठगी के लिए किया जा रहा था:
- 04 लैपटॉप
- 08 मोबाइल फोन
- 02 राउटर
