नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 4 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह मोबाइल हैक करके लोगों के बैंक खातों से पैसे उड़ाने और उन्हें ‘म्यूल अकाउंट्स’ (Mule Accounts) के जरिए ठिकाने लगाने का काम करता था। पुलिस ने मध्य प्रदेश के रतलाम और जावरा इलाके में तीन दिनों तक चले ऑपरेशन के बाद इस गैंग को पकड़ा है।
ऐसे हुई कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, वजीरबाद की एक 31 वर्षीय महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 26 मई 2026 को उनके बैंक खाते से बिना किसी ओटीपी या पिन साझा किए 1 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए गए। साइबर थाना नॉर्थ ने तुरंत केस दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने Google LERS, IP Logs, 150 से अधिक मोबाइल नंबरों और IMEI के CDR का बारीकी से तकनीकी विश्लेषण किया, जिसके बाद ठगी की रकम मध्य प्रदेश के रतलाम निवासी फहीम बेग के खाते में पहुंचने का सुराग मिला।
कमीशन का खेल और ‘म्यूल अकाउंट’ का जाल
पूछताछ में हैरान करने वाले खुलासे हुए:
किराए के बैंक खाते: आरोपी दीपक और शुभम ने फहीम बेग से उसकी चाय की दुकान पर संपर्क किया और 2000 रुपये के कमीशन के बदले उसका बैंक खाता इस्तेमाल करने के लिए लिया।
चेन ऑफ फ्रॉड: दीपक ने फहीम के खाते की जानकारी मनोज को दी, जिसने इसे आगे परवीन नाम के व्यक्ति से साझा किया।
नकद निकासी: ठगी के 1 लाख रुपये फहीम के खाते में आते ही आरोपियों ने बैंक जाकर चेक के जरिए पूरी रकम नकद निकाल ली। इसमें से दीपक ने 8 हजार रुपये कमीशन रखा और बाकी राशि मनोज को दे दी।
पकड़े गए आरोपियों का विवरण
पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया है:
फहीम बेग (26 वर्ष): जावरा, मध्य प्रदेश का रहने वाला, स्नातक पास और फिलहाल बेरोजगार।
शुभम गोयल (27 वर्ष): जावरा, मध्य प्रदेश का रहने वाला, 10वीं पास। यह पिछले 6 महीने से लोगों को लालच देकर बैंक खाते किराए पर लेने का काम कर रहा था।
दीपक (28 वर्ष): जावरा, मध्य प्रदेश का रहने वाला, 10वीं पास। यह पहले निजी बैंक में रिकवरी एजेंट था।
मनोज कुमार टेलर (39 वर्ष): भीलवाड़ा, राजस्थान का रहने वाला, स्नातक। यह पहले निजी बैंकों में लोन एजेंट के रूप में काम कर चुका है।
10 अन्य मामलों से जुड़ा कनेक्शन
दिल्ली पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह द्वारा इस्तेमाल किए गए 4 बैंक खाते नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज 10 अन्य शिकायतों से भी जुड़े हुए हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से 4 मोबाइल फोन और 7 सिम कार्ड बरामद किए हैं।
फिलहाल दिल्ली पुलिस बरामद डेटा का विश्लेषण कर रही है और इस गिरोह के मास्टरमाइंड ‘परवीन’ तथा अन्य साथियों की तलाश में जुटी है।
