“जेवर एयरपोर्ट महंगा बना तो कैसे भरेगी उड़ान?”: टिकट दरों को लेकर विधायक धीरेंद्र सिंह ने पीएम और सीएम को लिखा पत्र

“जेवर एयरपोर्ट महंगा बना तो कैसे भरेगी उड़ान?”: टिकट दरों को लेकर विधायक धीरेंद्र सिंह ने पीएम और सीएम को लिखा पत्र

ग्रेटर नोएडा: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के संचालन की तारीख नजदीक आते ही अब इसके किफायती होने पर सवाल उठने लगे हैं। जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने एयरपोर्ट पर प्रस्तावित अत्यधिक यूजर डेवलपमेंट फीस (UDF) और यात्री शुल्कों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर इन शुल्कों के पुनर्मूल्यांकन की मांग की है।

दिल्ली से भी महंगा होगा जेवर का सफर?
विधायक धीरेंद्र सिंह ने आंकड़ों के जरिए बताया कि जेवर एयरपोर्ट को जिस किफायती विकल्प के रूप में पेश किया जा रहा था, वह फिलहाल वैसा नहीं दिख रहा है।
किराये का अंतर: लखनऊ से जेवर एयरपोर्ट का शुरुआती किराया लगभग ₹5072 के आसपास दिख रहा है।
तुलना: वहीं लखनऊ से दिल्ली (IGI) एयरपोर्ट का टिकट मात्र ₹3600 से ₹4300 के बीच उपलब्ध है।
विधायक का तर्क है कि जब तक एयरपोर्ट को फुल मेट्रो, रैपिड रेल और मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी का लाभ नहीं मिल जाता, तब तक यात्रियों पर भारी UDF का बोझ डालना उनके हित में नहीं है।

ATF टैक्स में छूट के बावजूद महंगाई क्यों?
विधायक ने अपने पत्र में एक महत्वपूर्ण तकनीकी बिंदु भी उठाया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर टैक्स मात्र 1% है, जबकि दिल्ली में यह लगभग 25% है। टैक्स में इतनी बड़ी राहत के बावजूद जेवर से उड़ानें दिल्ली के मुकाबले महंगी होना समझ से परे है और यह यात्रियों के साथ अन्याय है।

विधायक धीरेंद्र सिंह की प्रमुख मांगें:

शुल्कों का पुनर्मूल्यांकन: प्रस्तावित UDF और अन्य शुल्कों की दोबारा समीक्षा की जाए।
दिल्ली से कम हो किराया: शुरुआती वर्षों में जेवर एयरपोर्ट के शुल्क दिल्ली एयरपोर्ट से कम रखे जाएं ताकि यात्री यहाँ आकर्षित हों।
आम जनता के लिए सुलभता: एयरपोर्ट को सिर्फ प्रीमियम नहीं बल्कि आम जनता के लिए किफायती और सुलभ बनाया जाए।

कनेक्टिविटी का अभाव और आर्थिक बोझ
धीरेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचने के साधन अभी विकसित हो रहे हैं। ऐसे में महंगे टिकट और अधिक एयरपोर्ट शुल्क यात्रियों को फिर से दिल्ली एयरपोर्ट की ओर रुख करने पर मजबूर कर सकते हैं, जिससे जेवर एयरपोर्ट के शुरुआती लक्ष्यों को धक्का लग सकता है।

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