बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद की कांशीराम कॉलोनी में हुई 18 वर्षीय कशिश की निर्मम हत्या ने प्रेम संबंधों की एक ऐसी स्याह हकीकत बयां की है, जिसने सबको झकझोर कर रख दिया है। 4 साल पुराना यह रिश्ता, जो नाबालिग उम्र में शुरू हुआ था, आखिरकार कशिश की मौत और प्रेमी राहुल के अस्पताल पहुँचने के साथ खत्म हुआ। पुलिस की शुरुआती जांच और पारिवारिक बयानों ने इस मामले की हर उस परत को खोल दिया है, जो इस त्रासदी की वजह बनी।
नाबालिग उम्र का प्यार और जेल की सलाखें
जांच में सामने आया है कि कशिश और राहुल का संपर्क करीब 4 साल पहले हुआ था। राहुल पहले से शादीशुदा था, लेकिन कशिश के प्यार में वह अपनी पत्नी से अलग रहने लगा था। करीब एक साल पहले जब कशिश 17 साल की थी, तब दोनों घर से भागकर हरिद्वार चले गए थे। बरामदगी के बाद राहुल पर पॉक्सो एक्ट (POCSO) के तहत मुकदमा दर्ज हुआ और उसे जेल जाना पड़ा। हैरानी की बात यह है कि जेल में रहने के दौरान भी कशिश उससे मिलने जाती थी और उसने राहुल के पक्ष में बयान देने का भरोसा भी दिया था।
शादी तय होते ही शुरू हुआ ‘डेथ गेम’
इस कहानी में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब कशिश के परिजनों ने उसकी शादी कहीं और तय कर दी। दो महीने बाद कशिश का विवाह होने वाला था। राहुल, जो कशिश पर शादी के लिए लगातार दबाव बना रहा था, इस खबर से बौखला गया। वह मानसिक तनाव में रहने लगा और उसे लगा कि कशिश उसके हाथ से निकल रही है।
वारदात वाली दोपहर: आखिरी मुलाकात और खूनी संघर्ष
घटना के दिन कशिश के माता-पिता घर पर नहीं थे। चर्चा है कि कशिश ने ही राहुल को बात करने के लिए घर बुलाया था। बंद कमरे में दोनों के बीच जमकर कहासुनी हुई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि राहुल ने आपा खो दिया और पास रखे चाकू से कशिश पर ताबड़तोड़ वार करना शुरू कर दिया। कशिश की मौके पर ही मौत हो गई। कशिश को मारने के बाद राहुल ने खुद को भी चाकू मारकर जान देने की कोशिश की। वर्तमान में राहुल की हालत गंभीर है और उसे मेरठ रेफर किया गया है।
परिवार का आरोप: “वह पहले से ही दबाव बना रहा था”
कशिश के परिजनों ने राहुल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि राहुल का व्यवहार शुरू से ही संदिग्ध था और वह कशिश पर जबरन शादी का दबाव डालता रहता था। परिजनों के मुताबिक, राहुल ने पहले भी कशिश के अपहरण की कोशिश की थी। वहीं पुलिस का मानना है कि यह मामला प्रेम संबंध, लिव-इन के दावों और हालिया तनाव का मिला-जुला परिणाम है।
अनसुलझे सवाल: क्या यह सुनियोजित था?
बिजनौर पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है कि क्या राहुल पहले से ही हत्या के इरादे से आया था या विवाद अचानक हिंसक हो गया? लिव-इन के दावों और पुराने मुकदमों की फाइलों को फिर से खंगाला जा रहा है। कशिश की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और राहुल के बयान इस हत्याकांड की आखिरी कड़ियों को जोड़ेंगे।
