लोनी (गाजियाबाद)। गाजियाबाद के लोनी थाना क्षेत्र में हुए चर्चित ओमकार उर्फ ओमन अपहरण और हत्याकांड मामले में पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश गौरव नागर को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, घटना के 15 दिन बाद भी शव बरामद न होने से नाराज परिजनों ने रविवार को एक बड़ी पंचायत बुलाने का ऐलान किया है।
इनामी बदमाश गौरव नागर मुठभेड़ में घायल
लोनी पुलिस को सूचना मिली थी कि अपहरण और हत्या में शामिल मुख्य आरोपी गौरव नागर इलाके में सक्रिय है। बंथला-चिरोड़ी मार्ग पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध स्विफ्ट कार को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने भागने की कोशिश की। पीछा करने पर कार पेड़ से टकरा गई, जिसके बाद बदमाश ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गौरव के दोनों पैरों में गोली लगी और वह घायल हो गया।
आरोपी के पास से पुलिस ने एक स्विफ्ट कार, 32 बोर की पिस्टल और कारतूस बरामद किए हैं। पूछताछ में उसने 30 मई को ओमकार के अपहरण और हत्या की बात स्वीकार की है। आरोपी मूल रूप से गौतमबुद्धनगर के बादलपुर का रहने वाला है और उस पर करीब आधा दर्जन गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
शव बरामदगी के लिए महा-सर्च ऑपरेशन
पुलिस के अनुसार, अब तक इस मामले में दो नामजद आरोपियों को गाजियाबाद पुलिस और दो अन्य आरोपियों को दिल्ली क्राइम ब्रांच ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। इसके बावजूद ओमकार का शव अब तक नहीं मिला है। पीड़ित परिवार की मांग को देखते हुए गाजियाबाद पुलिस एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की मदद से मेरठ, लोनी, बुलंदशहर, मुरादनगर, अलीगढ़ और गुलावठी सहित कई मार्गों की नहरों में सघन तलाशी अभियान चला रही है।
परिजनों का पुलिस पर सवाल, रविवार को पंचायत
घटना के 15 दिन बीत जाने के बाद भी शव न मिलने से दुखी और आक्रोशित परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ओमकार के परिजनों ने वीडियो जारी कर कहा है कि पुलिस जांच के कई पहलुओं पर स्पष्टता नहीं है। इसी कड़ी में, न्याय की मांग और घटना की पूरी सच्चाई जानने के लिए परिजनों ने रविवार को गनौली गांव में पंचायत बुलाई है।
पुलिस का कहना है कि वे हर संभावित स्थान की छानबीन कर रहे हैं और जल्द ही मामले के अंतिम छोर तक पहुंच जाएंगे। वहीं, पंचायत की घोषणा के बाद क्षेत्र में तनाव और चर्चा का माहौल है।
