वाशिंगटन/तेहरान: पिछले करीब तीन महीनों से मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध और महाविनाश के बीच पूरी दुनिया के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। इस विनाशकारी संघर्ष को हमेशा के लिए समाप्त करने की दिशा में वैश्विक कूटनीति को एक ऐतिहासिक कामयाबी मिलती दिख रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को एक बड़ा धमाका करते हुए एलान किया है कि ईरान के साथ एक ऐतिहासिक शांति समझौते पर बातचीत लगभग पूरी हो चुकी है और इसे जल्द ही अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ व्यापार के लिए फिर से खुलेगा
डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि इस महा-समझौते के तहत रणनीतिक और आर्थिक रूप से दुनिया के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) को वैश्विक व्यापार के लिए फिर से पूरी तरह से खोल दिया जाएगा। ज्ञात हो कि इस रास्ते के बंद होने या बाधित होने से दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भारी संकट मंडरा रहा था।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस बड़े घटनाक्रम की जानकारी साझा करते हुए लिखा:
“संयुक्त राज्य अमेरिका, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान और कई अन्य देशों के बीच एक ऐतिहासिक शांति समझौते को अंतिम रूप देने के लिए बड़े पैमाने पर सकारात्मक बातचीत हुई है।”
इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से हुई बेहद खास चर्चा
शांति समझौते की दिशा में उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि उनकी इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ फोन पर विस्तृत और गहन चर्चा हुई है। ट्रंप ने इस बातचीत को बेहद सफल और सकारात्मक करार दिया। फिलहाल इस महा-समझौते के अंतिम पहलुओं और बारीक विवरणों पर दोनों देशों के विशेषज्ञ काम कर रहे हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि बहुत जल्द इसकी आधिकारिक घोषणा दुनिया के सामने कर दी जाएगी। इस डील में कई ऐसे अहम तत्व शामिल हैं जो मिडिल ईस्ट की पूरी राजनीतिक और सुरक्षा तस्वीर को बदल कर रख देंगे।
8 मुस्लिम देशों के राष्ट्रध्यक्षों के साथ महा-मंथन
डोनाल्ड ट्रंप की यह बड़ी घोषणा अचानक नहीं हुई है, बल्कि इसके पीछे पर्दे के पीछे चल रही एक लंबी और जटिल कूटनीतिक कवायद शामिल है। यह एलान ट्रंप द्वारा दुनिया के प्रमुख मुस्लिम देशों— सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कतर, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन और बहरीन के शीर्ष नेताओं के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण और हाई-प्रोफाइल फोन कॉल करने के ठीक बाद किया गया है।
इस कूटनीतिक महा-मंथन के दौरान विशेष रूप से ईरान और पाकिस्तान द्वारा भेजे गए शांति प्रस्ताव की गहन समीक्षा की गई, जिसके बाद ट्रंप ने इसे शांति से जुड़े सहमति पत्र को लेकर एक बेहद शानदार और ऐतिहासिक शुरुआत बताया है।

