नोएडा: अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस (1 मई) के मद्देनजर गौतमबुद्धनगर में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में सुरक्षा के व्यापक और सुदृढ़ प्रबंध किए गए हैं। जिले को छावनी में तब्दील करते हुए न केवल भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है, बल्कि ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है।
जोन और सेक्टर स्कीम लागू
सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए पूरे कमिश्नरेट को 11 जोन और 49 सेक्टर में विभाजित किया गया है:
नोएडा जोन: 04 जोन और 16 सेक्टर।
सेंट्रल नोएडा: 03 जोन और 24 सेक्टर।
ग्रेटर नोएडा: 04 जोन और 09 सेक्टर।
भारी पुलिस बल की तैनाती (बाहरी जनपदों से भी बुलाई गई फोर्स)
श्रमिक दिवस पर किसी भी संभावित विरोध प्रदर्शन या हंगामे को रोकने के लिए भारी संख्या में फोर्स तैनात की गई है:
अधिकारी: 6 एसपी, 14 अपर पुलिस अधीक्षक और 30 क्षेत्राधिकारी (Dy.SP) तैनात किए गए हैं।
फोर्स: 65 निरीक्षक, 400 उपनिरीक्षक, 900 आरक्षी और 10 कंपनी पीएसी (PAC) को जिम्मेदारी दी गई है।
महिला पुलिस: सुरक्षा व्यवस्था में महिला पुलिस अधिकारियों की बड़ी भूमिका है, जिसमें 150 महिला उपनिरीक्षक और 200 महिला आरक्षी शामिल हैं।
औद्योगिक इकाइयों और चौराहों पर पैनी नजर
पुलिस बल को विशेष रूप से बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs), लघु औद्योगिक क्षेत्रों और प्रमुख चौराहों पर तैनात किया गया है। इसके साथ ही पुलिस की मोबाइल पार्टियां लगातार क्षेत्र में भ्रमणशील रहेंगी। 50 से अधिक संवेदनशील स्थानों पर ड्रोन के जरिए सघन निगरानी की जा रही है।
कंट्रोल रूम से मॉनिटरिंग और धारा 163
कमिश्नरेट के कंट्रोल रूम में एक राजपत्रित अधिकारी (Gazetted Officer) को नियुक्त किया गया है, जो सीसीटीवी और सर्विलांस के जरिए स्थिति पर नजर रखेंगे।
विदित हो कि जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 30 अप्रैल से 8 मई 2026 तक धारा 163 (BNSS) पहले ही लागू की जा चुकी है।
जनता से अपील
पुलिस प्रशासन ने पब्लिक एड्रेस (PA) सिस्टम के माध्यम से आमजन और श्रमिकों को शासन के दिशा-निर्देशों के प्रति जागरूक करना शुरू कर दिया है। इन तमाम सुरक्षा उपायों का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों में सुरक्षा का भाव पैदा करना और जनजीवन को सुचारु बनाए रखना है।
