चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति इस समय बेहद नाजुक और दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई है। सुपरस्टार से राजनेता बने विजय थलापति की सरकार बनाने की पहली कोशिश को राज्यपाल द्वारा झटका दिए जाने के बाद, राज्य में ‘रिजॉर्ट पॉलिटिक्स’ और दल-बदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है।
राज्यपाल से फिर मिले विजय, बहुमत का दावा
हाल ही में विजय द्वारा सरकार बनाने के लिए दी गई चिट्ठी को राज्यपाल ने तकनीकी आधार पर रिजेक्ट कर दिया था। हालांकि, हार न मानते हुए विजय आज फिर राजभवन पहुंचे। उन्होंने राज्यपाल से निवेदन किया कि उनकी पार्टी ‘सिंगल लार्जेस्ट पार्टी’ (सबसे बड़ा दल) है, इसलिए लोकतांत्रिक परंपरा के अनुसार उन्हें सरकार बनाने का मौका दिया जाए। विजय ने आश्वस्त किया है कि वह सदन के पटल पर अपना बहुमत साबित करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
AIADMK में बड़ी बगावत: 25 विधायक रिजॉर्ट पहुंचे
इस राजनीतिक खींचतान के बीच सबसे बड़ी खबर AIADMK (AIMDMK) खेमे से आ रही है। पिछले 5 साल से सत्ता से दूर रहने वाली इस पार्टी के 25 विधायक अचानक पांडिचेरी के समुद्र किनारे एक लग्जरी रिजॉर्ट में पहुंच गए हैं।
सत्ता की चाह: चर्चा है कि विधायकों का यह गुट विजय थलापति के साथ मिलकर सरकार में शामिल होना चाहता है।
पार्टी में दो फाड़: पार्टी का दूसरा गुट विजय को समर्थन देने के पक्ष में नहीं है, जिससे पार्टी में बिखराव की स्थिति पैदा हो गई है।
क्या मुख्यमंत्री बनेंगे विजय?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर AIADMK के भीतर बात नहीं बनी, तो पार्टी का टूटना तय है। यदि यह 25 विधायक अलग गुट बनाकर विजय को समर्थन देते हैं, तो विजय के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो जाएगा।
तमिलनाडु की जनता और राजनीतिक गलियारों की नजरें अब राजभवन के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या विजय थलापति अपना पहला राजनीतिक ‘ब्लॉकबस्टर’ देने में कामयाब होंगे या राज्य में गठबंधन के नए समीकरण बनेंगे?
नोट: तमिलनाडु की इस हाई-वोल्टेज राजनीति पर हमारी टीम पल-पल की अपडेट आप तक पहुँचाती रहेगी।
