बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में ‘पेपर लीक’ और परीक्षाओं में हो रही अनियमितताओं को लेकर एनएसयूआई (NSUI) ने बड़ा आंदोलन किया है। नेहरू चौक से केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के निवास का घेराव करने जा रहे छात्रों और कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने कलेक्ट्रेट के पास जमकर लाठीचार्ज किया और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान कई छात्रों और कार्यकर्ताओं के घायल होने की खबर है, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
क्या है पूरा मामला?
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ और प्रदेश अध्यक्ष नीरज शर्मा के नेतृत्व में भारी संख्या में छात्र और कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे थे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि केंद्र सरकार परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने में पूरी तरह विफल रही है। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद जब भीड़ आगे बढ़ने लगी, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
छात्रों के गंभीर सवाल और सरकार की चुप्पी
आंदोलनकारी छात्रों ने परीक्षाओं में हो रही धांधली पर सरकार को घेरा है:
NEET और UPSC: छात्रों ने NEET पेपर लीक और UPSC परीक्षाओं में सिलेबस से बाहर के प्रश्न आने पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
CUET और CBSE: CUET परीक्षाओं का दोबारा आयोजन और CBSE मूल्यांकन में खामियों को लेकर भी नाराजगी जताई गई है।
भविष्य पर संकट: छात्रों का कहना है कि वे सालों तक मेहनत करते हैं और आर्थिक निवेश करते हैं, लेकिन पेपर लीक या रद्द होने से उनका करियर बर्बाद हो रहा है।
“क्या सरकार अपना उत्तरदायित्व निभाएगी?”
छात्रों ने रोष जताते हुए कहा कि परीक्षाओं की इस अव्यवस्था और तनाव के कारण लाखों युवा मानसिक अवसाद में जा रहे हैं और कई छात्र अपनी जान तक गंवा रहे हैं। एनएसयूआई ने मांग की है कि सरकार इस मामले पर जल्द कोई ठोस प्रतिक्रिया दे और परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करे।
फिलहाल अस्पताल में भर्ती घायलों का इलाज चल रहा है। इस हिंसक झड़प के बाद बिलासपुर में राजनीति गरमा गई है और छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

