Hapur News : गढ़मुक्तेश्वर में गढ़-मेरठ मार्ग पर दोताई गांव के पास स्थित ज्ञान संजीवनी हॉस्पिटल के आसपास तेंदुआ देखे जाने की सूचना से इलाके में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र में सघन निरीक्षण किया। डीएफओ गौतम सिंह के साथ क्षेत्रीय वन अधिकारी करण सिंह और वन कर्मियों ने अस्पताल परिसर और उस पेड़ के आसपास जांच की जहां की तेंदुए की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। प्रारंभिक जांच में वायरल फोटो उसी स्थान की प्रतीत हुई।
मौके पर मौजूद डॉक्टरों और ग्रामीणों को वन विभाग ने तेंदुए से सुरक्षित रहने के तरीके बताए। विभाग ने बताया कि तेंदुआ आमतौर पर सुबह, शाम और रात के वक्त ज्यादा सक्रिय रहता है, ऐसे में इस समय अतिरिक्त सतर्कता बरतना जरूरी है। लोगों से कहा गया कि अंधेरा होने के बाद बेवजह घर से बाहर न निकलें, रात में कमरे का दरवाजा बंद करके सोएं और अपने मवेशियों को खुले में न बांधकर सुरक्षित बाड़े में रखें।
वन अधिकारियों ने ग्रामीणों को अपने आसपास साफ-सफाई रखने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि गांव के आसपास झाड़ियां न पनपने दें और कचरा इकट्ठा न होने दें, क्योंकि झाड़ियां तेंदुए के छिपने की जगह बनती हैं और कचरे की वजह से कुत्ते आते हैं जो तेंदुए को आकर्षित करते हैं। खेत में काम के दौरान अकेले न जाएं, समूह में रहें और चलते समय आवाज करते रहें ताकि आहट पाकर तेंदुआ खुद ही रास्ता बदल ले।
वन विभाग के मुताबिक गंगा में आई बाढ़ के कारण पानी तट से लगभग पांच किलोमीटर तक फैल गया है। पानी भरने से निचले इलाकों की झाड़ियों में छिपे तेंदुओं ने अपना ठिकाना छोड़ दिया है और वे ऊपरी ग्रामीण इलाकों में आ गए हैं। जब तक बाढ़ का पानी नीचे नहीं उतरता तब तक ग्रामीण क्षेत्रों में तेंदुए की आवाजाही बनी रह सकती है।
अंत में विभाग ने लोगों से अपील की कि अगर कहीं तेंदुआ दिखाई दे तो उससे दूरी बनाए रखें और फोटो-वीडियो लेने के लिए उसके नजदीक जाने की कोशिश न करें। तेंदुआ आमतौर पर तभी हमला करता है जब उसे खतरा महसूस होता है या कोई उसके बहुत करीब पहुंच जाता है। ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचना दें।



