नोएडा: पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की बिसरख थाना पुलिस और साइबर सेल की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत सब्सिडी वाले लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है। पुलिस ने इस गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो मूल रूप से कर्नाटक के रहने वाले हैं।
ऐसे फंसाते थे जाल में
पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आधार और पैन कार्ड से संबंधित आकर्षक विज्ञापन चलाता था। जब कोई व्यक्ति इन विज्ञापनों पर क्लिक करता, तो उसे गिरोह का मोबाइल नंबर मिल जाता था। इसके बाद आरोपी स्वयं को ‘फर्जी लोन अधिकारी’ बताकर पीड़ितों को सब्सिडी वाले होम लोन का लालच देते थे।
करोड़ों का फ्रॉड, फाइल चार्ज के नाम पर वसूली
आरोपी फाइल चार्ज, प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्कों के नाम पर हर व्यक्ति से 2 से 4 लाख रुपये तक अलग-अलग बैंक खातों में जमा करवा लेते थे। गिरोह ने अब तक देशभर में अनेक लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की है। गिरोह का संचालन एक अज्ञात “बॉस” के इशारे पर किया जा रहा था, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी है।
बरामदगी और गिरफ्तारी का विवरण
पुलिस ने आरोपियों को कृष्णा काउन्टी टॉवर (सेक्टर 01) की छत से गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए हैं:
18 की-पैड मोबाइल फोन (पकड़े जाने से बचने के लिए सिम बदल-बदल कर इस्तेमाल करते थे)
06 स्मार्टफोन
15 रजिस्टर जिनमें हजारों लोगों का कॉलिंग डेटा दर्ज था।
गिरफ्तार अभियुक्तों की प्रोफाइल
पकड़े गए सभी आरोपी कर्नाटक के बीजापुर और विजयपुर जिले के रहने वाले हैं:
धर्मराज राठौर (38 वर्ष)
रवि कुमार (26 वर्ष)
किशन राठौर (32 वर्ष)
अक्षय (28 वर्ष)
किरण नायर (21 वर्ष, बीएससी पास)
किरण बाबू राठौर (28 वर्ष)
पुलिस की अपील: पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी सरकारी योजना या लोन के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट या बैंक शाखा से ही संपर्क करें। सोशल मीडिया पर दिख रहे लुभावने विज्ञापनों और अज्ञात नंबरों पर अपनी गोपनीय जानकारी या शुल्क साझा न करें।

