बहराइच: परिजनों की डांट से नाराज किशोरी मोबाइल टावर पर चढ़ी, 3 घंटे तक सांसें रही अटकीं, पुलिस ने ऐसे बचाई जान

बहराइच: परिजनों की डांट से नाराज किशोरी मोबाइल टावर पर चढ़ी, 3 घंटे तक सांसें रही अटकीं, पुलिस ने ऐसे बचाई जान

बहराइच: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में उस समय हड़कंप मच गया जब एक 17 वर्षीय किशोरी शहर के बीचों-बीच स्थित एक मोबाइल टावर के शिखर पर जा पहुंची। कोतवाली नगर क्षेत्र के नाजीरपुरा और परिवहन कार्यालय के पास हुई इस घटना ने पुलिस और फायर ब्रिगेड के हाथ-पांव फुला दिए। करीब तीन घंटे तक चले हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद किशोरी को सुरक्षित नीचे उतारा जा सका।

परिजनों की डांट बनी टावर पर चढ़ने की वजह

​जानकारी के मुताबिक, रामगांव थाना क्षेत्र के ग्राम तमाचपुर की रहने वाली 17 वर्षीय रूमाना परिजनों की किसी बात पर डांट से नाराज हो गई थी। नाराजगी इस कदर बढ़ी कि वह देर रात शहर के परिवहन कार्यालय के पास लगे ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई। युवती को टावर पर देख इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई और लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी।

3 घंटे का रेस्क्यू ऑपरेशन: टॉर्च की रोशनी में दी गई समझाइश

​सूचना मिलते ही नगर कोतवाल और क्षेत्राधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। टावर की ऊंचाई अधिक होने के कारण पुलिसकर्मी नीचे से टॉर्च दिखाकर युवती को समझाने का प्रयास करने लगे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फायर ब्रिगेड की टीम को भी बुलाया गया।

​अग्निशमन अधिकारी पुलकित चौधरी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस और परिजनों द्वारा करीब तीन घंटे तक लगातार की गई मान-मनौव्वल के बाद युवती नीचे उतरने को राजी हुई। इसके बाद फायर ब्रिगेड का एक जवान टावर पर चढ़ा और युवती को सुरक्षित तरीके से नीचे उतार लिया।

मानसिक रूप से बीमार है किशोरी!

​युवती के नीचे उतरते ही पुलिस ने उसे तुरंत मेडिकल चेकअप के लिए जिला अस्पताल (मेडिकल कॉलेज) में भर्ती कराया। इस मामले में परिजनों का कहना है कि किशोरी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और वह इलाज के दौर से गुजर रही है। वहीं, स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं।

​”सूचना मिलते ही हमारी टीम मौके पर पहुंची थी। किशोरी काफी ऊंचाई पर थी, जिसे समझा-बुझाकर और रेस्क्यू उपकरणों की मदद से सुरक्षित नीचे उतार लिया गया है। उसे इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया है।” – पुलकित चौधरी, प्रभारी अग्निशमन अधिकारी, बहराइच

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