दिल्ली क्राइम ब्रांच का बड़ा खुलासा: साइबर ठगों का मददगार निकला बैंक कर्मचारी, करोड़ों की ठगी में RBL बैंक का कर्मी गिरफ्तार

दिल्ली क्राइम ब्रांच का बड़ा खुलासा: साइबर ठगों का मददगार निकला बैंक कर्मचारी, करोड़ों की ठगी में RBL बैंक का कर्मी गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी के एक ऐसे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है, जिसमें एक बैंक कर्मचारी ही मास्टरमाइंड्स का मददगार बना हुआ था। पुलिस ने गाजियाबाद के रहने वाले इरशाद मलिक को गिरफ्तार किया है, जो अपनी बैंक की नौकरी की आड़ में फर्जी खाते खुलवाकर ठगी की रकम को खपाने का रास्ता साफ करता था।

पुलिसकर्मी के खाते से उड़े 88 हजार और खुल गई पोल

​इस बड़े घोटाले की परतें तब खुलनी शुरू हुईं जब दिल्ली पुलिस के ही एक कर्मी के खाते से धोखाधड़ी कर 88 हजार रुपये निकाल लिए गए। जब जांच की गई तो पता चला कि यह पैसा “लॉरी ट्रेड एक्सिम” नामक एक फर्जी कंपनी के खाते में ट्रांसफर हुआ है। गहराई से छानबीन करने पर सामने आया कि जिस व्यक्ति के नाम पर यह खाता था, उसे इस बारे में कोई जानकारी ही नहीं थी।

RBL बैंक का कर्मचारी और ‘कमीशन’ का खेल

​गिरफ्तार आरोपी इरशाद मलिक (35 वर्ष) आरबीएल (RBL) बैंक में कार्यरत था। पुलिस के मुताबिक:

  • KYC में धांधली: इरशाद ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बिना किसी भौतिक सत्यापन और सही केवाईसी के फर्जी दस्तावेजों पर कंपनी के खाते खोल दिए।
  • म्यूल अकाउंट: उसने जानबूझकर ऐसे ‘म्यूल अकाउंट’ (किराए के खाते) तैयार किए जिनका इस्तेमाल साइबर ठग करोड़ों रुपये इधर-उधर करने के लिए कर रहे थे।
  • लालच: इन फर्जी खातों को खोलने के बदले उसे साइबर ठगों से मोटा कमीशन मिलता था।

ठगी का ‘पार्ट-टाइम’ जाल

​यह गिरोह सोशल मीडिया (फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर लोगों को ‘पार्ट-टाइम जॉब’ और ‘घर बैठे कमाई’ का लालच देता था।

  1. ​पहले टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर छोटे टास्क के बदले थोड़े पैसे दिए जाते थे ताकि पीड़ित का भरोसा जीता जा सके।
  2. ​जैसे ही पीड़ित बड़ा निवेश करता, ठग उस रकम को इरशाद द्वारा खोले गए फर्जी खातों में मंगा लेते और गायब हो जाते।

करोड़ों का ट्रांजैक्शन और गिरफ्तारी

​पुलिस के अनुसार, इस एक गिरोह ने इस खाते के जरिए अब तक करोड़ों रुपये की चपत लगाई है। क्राइम ब्रांच ने सूचना के आधार पर न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित बैंक के पास जाल बिछाकर इरशाद मलिक को धर दबोचा। इस मामले में चार अन्य आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके हैं।

​”यह बेहद गंभीर है कि बैंक के भीतर बैठा व्यक्ति ही ठगों की मदद कर रहा था। इरशाद ने स्वीकार किया है कि उसने नियमों को ताक पर रखकर ये खाते खोले थे। हम उन सभी खातों की जांच कर रहे हैं जो उसने पिछले एक साल में खोले हैं।” – पुलिस अधिकारी, क्राइम ब्रांच

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