नई दिल्ली: जिम जाने वाले युवाओं और फिटनेस के शौकीनों के लिए एक चौंकाने वाली खबर है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नामी कंपनियों के नाम पर नकली प्रोटीन सप्लीमेंट बनाने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने हरियाणा के चरखी दादरी निवासी नवीन कुमार उर्फ बंजारा (32) को गिरफ्तार कर दिल्ली के रानी खेड़ा गांव में चल रही एक अवैध फैक्ट्री को सील कर दिया है।
सस्ता पाउडर और कोको फ्लेवर… ऐसे बनता था ‘नकली जहर’
जांच में सामने आया कि आरोपी नवीन कुमार बेहद शातिर तरीके से नकली सप्लीमेंट तैयार करता था। वह कम कीमत वाले साधारण पाउडर में माल्टोडेक्सट्रिन, कोको पाउडर और आर्टिफिशियल फ्लेवर मिलाकर उसे ‘ऑप्टिमम न्यूट्रिशन’ और ‘सिंथा-6’ जैसी अंतरराष्ट्रीय ब्रांडेड कंपनियों के डिब्बों में भरता था।
फैक्ट्री से क्या-क्या हुआ बरामद?
पुलिस ने छापेमारी के दौरान नकली सप्लीमेंट बनाने का पूरा जखीरा बरामद किया है:
तैयार उत्पाद: 26 भरे हुए नकली प्रोटीन के डिब्बे।
कच्चा माल: 10 बैग रॉ मटेरियल और भारी मात्रा में फ्लेवर पाउडर।
पैकेजिंग: सैकड़ों नकली स्टिकर, होलोग्राम, खाली जार और क्यूआर कोड प्रिंटिंग मशीन।
मशीनरी: दो सप्लीमेंट मिक्सिंग मशीनें, इंडक्शन सीलिंग मशीन और वेटिंग मशीनें।
नेटवर्क का खुलासा: पहले भी हुई थीं गिरफ्तारियां
यह कार्रवाई क्राइम ब्रांच द्वारा पहले पकड़े गए दो आरोपियों मोहित तिवारी और मोहित दीक्षित से पूछताछ के बाद की गई है। उनके पास से 150 किलो नकली सप्लीमेंट मिलने के बाद पुलिस ने मास्टरमाइंड नवीन कुमार तक पहुँचने में सफलता हासिल की। यह गिरोह असली जैसा दिखने वाला होलोग्राम और क्यूआर कोड लगाकर ग्राहकों को धोखा देता था ताकि किसी को शक न हो।
जीबीएन टुडे स्पेशल: नकली सप्लीमेंट कैसे पहचानें?
QR Code: नकली क्यूआर कोड अक्सर काम नहीं करते या गलत वेबसाइट पर ले जाते हैं।
Hologram: असली कंपनियों के होलोग्राम में रंगों का बदलाव साफ दिखता है।
Seal: अगर डिब्बे की सील ढीली है या फिनिशिंग खराब है, तो वह नकली हो सकता है।
Price: अगर कोई नामी ब्रांड बाजार से आधी कीमत पर मिल रहा है, तो सतर्क हो जाएं।
