Hapur News : हापुड़ में बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा पर्व मंगलवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। शहर के दिल्ली रोड स्थित रामलीला मैदानों में रावण, कुंभकरण और मेघनाद के विशालकाय पुतलों के दहन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। हापुड़ में 65 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन बुधवार तड़के चार बजे होगा जबकि पिलखुवा, गढ़ और ब्रजघाट में भी देर रात पुतले जलाए जाएंगे। पर्व पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के विशेष इंतजाम किए हैं।
मेला परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मंगलवार दोपहर बाद से हापुड़ के रामलीला मैदान में भीड़ उमड़नी शुरू हो जाएगी। हापुड़ शहर के साथ ही आसपास के गांवों से हजारों लोग मेला देखने पहुंचते हैं। इसे देखते हुए पुलिस ने विशेष तैयारी की है। एएसपी महेश कुमार ने बताया कि मेले के आसपास करीब 50 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। इसमें बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मी भी सादी वर्दी में रहेंगी और एंटी रोमियो स्क्वायड पूरी तरह सक्रिय रहेगा। मेला परिसर में बैरिकेडिंग की गई है ताकि लोगों को पुतलों से उचित दूरी पर रखा जा सके।
यातायात के लिए रूट डायवर्जन प्लान
जिला यातायात प्रभारी नरेश कुमार ने बताया कि मंगलवार शाम चार बजे से भारी वाहनों और शाम छह बजे से गैर जरूरी हल्के वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। मेरठ तिराहे से रामलीला मैदान की ओर जाने वाले मार्ग पर विशेष एहतियात बरती जाएगी। दिल्ली और गाजियाबाद से मेरठ जाने वाले वाहन निजामपुर तिराहा से सोना पेट्रोल पंप और ततारपुर चौराहा होते हुए टियाला फ्लाईओवर से जाएंगे। बुलंदशहर से मेरठ जाने वाले वाहन सोना पेट्रोल पंप से ततारपुर चौराहा होकर निकलेंगे जबकि गढ़मुक्तेश्वर से गाजियाबाद और दिल्ली जाने वाले वाहन ततारपुर चौराहा से बाईपास होते हुए जाएंगे। मेरठ से गाजियाबाद और बुलंदशहर जाने वाले वाहन साइलो द्वितीय से टियाला पुल और ततारपुर चौराहा बाईपास से होकर गुजरेंगे।
तीन स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था
भीड़ को देखते हुए पुलिस ने तीन जगह पार्किंग बनाई है। दिल्ली की ओर से आने वाले श्रद्धालु अपने वाहन दिल्ली रोड स्थित एसएसवी कॉलेज के मैदान में पार्क करेंगे। गढ़मुक्तेश्वर और बुलंदशहर रोड से आने वाले वाहन नगर पालिका के मैदान में खड़े होंगे जबकि दिल्ली रोड से आने वाले कुछ श्रद्धालुओं के लिए हापुड़ डिपो के सामने स्थित स्कूल में पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
विजयदशमी पूजन का शुभ मुहूर्त
भारतीय ज्योतिष कर्मकांड महासभा के अध्यक्ष पंडित केसी पांडेय और पंडित संतोष तिवारी ने बताया कि धर्मग्रंथों के अनुसार विजयदशमी के दिन भगवान राम ने रावण का वध किया था और मां दुर्गा ने महिषासुर का संहार किया था। यह पर्व अन्याय पर न्याय और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है। उन्होंने बताया कि दशमी तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट से शुरू होकर 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 12 मिनट तक रहेगी। पूजन का शुभ मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 50 मिनट से 3 बजकर 6 मिनट तक रहेगा और श्रवण नक्षत्र 20 अक्टूबर को शाम 6 बजकर 2 मिनट तक रहेगा।
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