Hapur News : हापुड़ में शादी का झांसा देकर एक लाख और लाखों के जेवर लेकर फरार हुई महिला, धोखाधड़ी का आरोप

Hapur News : हापुड़ में शादी का झांसा देकर एक लाख और लाखों के जेवर लेकर फरार हुई महिला, धोखाधड़ी का आरोप

Hapur News : थाना सिंभावली क्षेत्र के लिसड़ी उर्फ भगवतीपुर गांव से शादी के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि एक युवक को विवाह कराने के बहाने एक लाख रुपये लिए गए और मंदिर में शादी के दो दिन बाद ही नवविवाहिता घर से सोने-चांदी के जेवर लेकर चली गई। पीड़ित ने बिचौलिए पंडित, दुल्हन और उसके परिजनों पर धोखाधड़ी और चोरी का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

पीड़ित विनोद कुमार का आरोप है कि वह काफी समय से विवाह के लिए साथी तलाश रहा था। करीब तीन महीने पहले उसकी मुलाकात हल्द्वानी के रहने वाले एक बिचौलिए पंडित से हुई। आरोप है कि पंडित ने कहा कि एक गरीब परिवार की लड़की है और शादी के लिए परिवार को आर्थिक सहायता देनी होगी। आरोप है कि शादी सादगी से मंदिर में कराने की बात कहकर विनोद को राजी किया गया।

आरोप के अनुसार 14 अगस्त 2026 को विनोद अपनी मां जयवीरी, भाई मनोज और अन्य रिश्तेदारों के साथ रामपुर के एक शिव मंदिर पहुंचा। वहां पंडित राकेश शास्त्री ने वैदिक विधि से सीमा नाम की युवती के साथ विनोद का विवाह कराया। पीड़ित का आरोप है कि शादी के तुरंत बाद दुल्हन की मां को एक लाख रुपये और पंडित को 2100 रुपये दिए गए। इसके बाद विनोद दुल्हन को घर ले आया और उसे सोने-चांदी के आभूषण भी पहनाए।

पीड़ित का आरोप है कि 15 अगस्त की रात करीब दो बजे जब घर में सभी सो रहे थे, तब दुल्हन ने खुद के और घर में रखे सभी कीमती गहने समेटे और चुपके से घर से निकल गई। सुबह जानकारी होने पर परिजनों ने तलाश की लेकिन उसका कोई पता नहीं चला।

विनोद का आरोप है कि यह एक संगठित गिरोह है जो भोले-भाले युवकों को शादी का झांसा देकर ठगी करता है। उन्होंने सिंभावली थाने में तहरीर देकर बिचौलिए पंडित राकेश शास्त्री, दुल्हन सीमा और उसके परिजनों पर गिरोह बनाकर ठगी और जेवर चोरी का आरोप लगाया है।

सिंभावली थाना प्रभारी सुरेश कुमार का कहना है कि तहरीर प्राप्त हो गई है और जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि पंडित, दुल्हन और दिए गए पते की पुष्टि की जा रही है। साथ ही आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।