NEET पेपर लीक में बड़ा खुलासा: NTA की सब्जेक्ट एक्सपर्ट मनीषा मंढारे 14 दिन की CBI कस्टडी में, ऐसे लीक किया था बायोलॉजी का पेपर

NEET पेपर लीक में बड़ा खुलासा: NTA की सब्जेक्ट एक्सपर्ट मनीषा मंढारे 14 दिन की CBI कस्टडी में, ऐसे लीक किया था बायोलॉजी का पेपर

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट-यूजी 2026’ (NEET-UG 2026) पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। सीबीआई ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की सब्जेक्ट एक्सपर्ट और पुणे के एक प्रतिष्ठित कॉलेज की सीनियर बायोलॉजी लेक्चरर मनीषा गुरुनाथ मंढारे को गिरफ्तार किया है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आरोपी मनीषा को 14 दिनों की सीबीआई कस्टडी में भेज दिया है।

एनटीए पैनल में शामिल होने का उठाया फायदा
सीबीआई द्वारा कोर्ट में दी गई जानकारी के अनुसार, मनीषा मंढारे पिछले 5-6 वर्षों से एनटीए के पेपर सेटिंग पैनल और अनुवाद प्रक्रिया से जुड़ी हुई थीं। इस बार भी उन्हें नीट-यूजी 2026 परीक्षा प्रक्रिया के लिए बतौर एक्सपर्ट नियुक्त किया गया था। इस पद पर होने के कारण उनके पास बॉटनी (Botany) और जूलॉजी (Zoology) के गोपनीय प्रश्नपत्रों तक पूरी पहुंच थी, जिसका फायदा उठाकर उन्होंने गोपनीयता की शर्तों का उल्लंघन किया और पेपर लीक की साजिश रची।

घर पर स्पेशल क्लास चलाकर रटवाए थे प्रश्न
जांच में सामने आया है कि मनीषा मंढारे ने पुणे की ही एक अन्य आरोपी मनीषा वाघमारे (जो पहले ही गिरफ्तार हो चुकी हैं) के जरिए मोटी रकम देने वाले नीट अभ्यर्थियों को एकजुट किया था। इसके बाद अप्रैल 2026 में मनीषा मंढारे ने अपने पुणे स्थित आवास पर चुनिंदा छात्रों के लिए ‘स्पेशल कोचिंग क्लास’ का आयोजन किया। इस क्लास में उन्होंने लीक हुए बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्नों को छात्रों को नोटबुक्स में लिखवाया और टेक्स्टबुक्स में मार्क करवाया था। 3 मई को हुई मुख्य परीक्षा में अधिकांश प्रश्न हूबहू वही पाए गए जो मनीषा ने रटवाए थे।

कोर्ट में कस्टडी का विरोध, देशव्यापी छापेमारी जारी
सुनवाई के दौरान मनीषा के वकील ने गिरफ्तारी के समय और प्रक्रिया को लेकर कस्टडी का विरोध किया था, लेकिन कोर्ट ने मामले की गंभीरता और बड़ी साजिश का हिस्सा होने के चलते आरोपी को 14 दिन की सीबीआई रिमांड पर सौंप दिया। सीबीआई ने पिछले 24 घंटों में देश के 6 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर लैपटॉप, मोबाइल फोन और संदिग्ध बैंक स्टेटमेंट बरामद किए हैं। इस हाई-प्रोफाइल घोटाले में अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

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