तरनतारन/गुरदासपुर: पंजाब प्रशासनिक सेवा (PCS) की अधिकारी और गुरदासपुर में सब-डिवीजनल मजिस्ट्रेट (SDM) के पद पर तैनात अनुप्रीत कौर रंधावा को तरनतारन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई वर्ष 2018 में हुए एक हाई-प्रोफाइल जमीन अधिग्रहण घोटाले और सरकारी धन के गबन के मामले में की गई है।
पहली ही पोस्टिंग में लगा बड़ा दाग
अनुप्रीत कौर रंधावा की यह बतौर पीसीएस अधिकारी पहली ही पोस्टिंग थी, जिसमें वे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में घिर गईं। उन पर आरोप है कि साल 2018 में राजस्थान-जम्मू कश्मीर हाईवे के निर्माण के लिए किए गए जमीन अधिग्रहण के दौरान उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग किया और बड़े पैमाने पर वित्तीय हेराफेरी की।
ऐसे हुआ 1.63 करोड़ रुपये का गबन
जांच के अनुसार, हाईवे के लिए अधिग्रहित की गई जमीनों के मुआवजे के वितरण में बड़ा खेल रचा गया था। आरोप है कि तत्कालीन सक्षम प्राधिकारी रहते हुए अनुप्रीत कौर ने कुल 1.63 करोड़ रुपये का मुआवजा ऐसे चहेते और रसूखदार लोगों को जारी कर दिया, जिनके नाम पर वह जमीन थी ही नहीं। फर्जी दस्तावेजों के सहारे असली भू-स्वामियों का हक मारकर यह सरकारी राशि अवैध रूप से बांटी गई।
2019 से चल रही थी हाई-लेवल जांच
इस महाघोटाले का खुलासा होने के बाद साल 2019 में संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज की गई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पिछले कई सालों से इसकी हाई-लेवल जांच जारी थी। साक्ष्यों और कड़ियों को जोड़ने के बाद, तरनतारन पुलिस ने शनिवार (16 मई) को सख्त कदम उठाते हुए महिला अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस घोटाले में और कौन-कौन से प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी या बिचौलिए शामिल थे। इस गिरफ्तारी के बाद से पंजाब के प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा हुआ है।

