अमरोहा: पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच अमरोहा में एक दिलचस्प नज़ारा देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष उदय गिरी ने अपनी आलीशान चार पहिया गाड़ी को छोड़कर ई-रिक्शा से जिला कार्यालय पहुंचकर हर किसी को हैरान कर दिया। उनका यह अंदाज़ अब न केवल जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रहा है।
“जनप्रतिनिधियों को पेश करना होगा उदाहरण”
गुरुवार को जब उदय गिरी ई-रिक्शा से कार्यालय पहुंचे, तो कार्यकर्ताओं में भी उत्साह दिखा। इस कदम के पीछे का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा से पर्यावरण संरक्षण और ईंधन की बचत पर ज़ोर देते रहे हैं। उदय गिरी के अनुसार, एक जनप्रतिनिधि और राजनीतिक कार्यकर्ता के नाते उनकी ज़िम्मेदारी है कि वे खुद ऐसे उदाहरण पेश करें जो समाज में सकारात्मक संदेश दें।
“संकल्प लिया है, जब तक स्थिति सामान्य नहीं…”
महंगाई और ईंधन की कीमतों पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में हर परिवार आर्थिक दबाव महसूस कर रहा है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि जब तक पेट्रोल-डीजल की कीमतें सामान्य नहीं हो जातीं, तब तक वे चार पहिया वाहन का उपयोग बंद कर देंगे। उनकी प्राथमिकता अब ई-रिक्शा जैसे पर्यावरण-अनुकूल और वैकल्पिक साधनों से सफर करने की रहेगी।
कार्यकर्ताओं ने सराहा, सोशल मीडिया पर वायरल
भाजपा जिलाध्यक्ष के इस कदम को कार्यकर्ताओं ने सादगी और जनसरोकार से प्रेरित बताया है। कार्यकर्ताओं का मानना है कि यह न केवल ईंधन की बचत की दिशा में एक छोटा सा कदम है, बल्कि जनता के साथ सीधा संवाद स्थापित करने का एक तरीका भी है।
अमरोहा की सड़कों पर ई-रिक्शा में सवार जिलाध्यक्ष की तस्वीरें और वीडियो अब इंटरनेट पर चर्चा का केंद्र हैं। जहां एक ओर इसे जनता से जुड़ाव के रूप में देखा जा रहा है, वहीं विपक्षी दल भी इस ‘प्रतीकात्मक पहल’ को लेकर अपनी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
