ग्रेटर नोएडा: गौतमबुद्ध नगर में जनहित और मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर ‘करप्शन फ्री इंडिया’ संगठन ने बिगुल फूंक दिया है। संगठन के संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय ने सोमवार, 11 मई 2026 को सुबह 10:00 बजे से जिला मुख्यालय सूरजपुर में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल प्रारंभ कर दी है। इस आंदोलन को क्षेत्र के सैकड़ों लोगों का समर्थन मिल रहा है।
इन गंभीर मुद्दों पर छिड़ा आंदोलन
संगठन के संस्थापक सदस्य आलोक नागर ने बताया कि यह आंदोलन किसी एक समस्या के लिए नहीं, बल्कि क्षेत्र की कई गंभीर शिकायतों को लेकर है:
पर्यावरण और भूजल: बिल्डरों द्वारा बड़े पैमाने पर किया जा रहा भूजल दोहन और पर्यावरण संरक्षण में लापरवाही।
शिक्षा और स्वास्थ्य: प्राइवेट स्कूलों और अस्पतालों की मनमानी और लूट पर लगाम। लीज डीड की शर्तों के अनुसार स्थानीय किसानों के बच्चों को शिक्षा और इलाज में छूट सुनिश्चित करना।
रोजगार: योग्यता के आधार पर स्थानीय युवाओं को कंपनियों में रोजगार न मिलना।
अन्य मुद्दे: किसानों की लंबित समस्याएं और बाजार में नकली खाद्य पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण रोक।
“मजबूरन उठाना पड़ा लोकतांत्रिक कदम”
मास्टर दिनेश नागर ने स्पष्ट किया कि इन समस्याओं के समाधान के लिए लंबे समय से संबंधित विभागों और अधिकारियों को पत्र लिखे गए और उन्हें अवगत कराया गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारियों की उदासीनता के कारण अंततः जनहित में लोकतांत्रिक तरीके से भूख हड़ताल का रास्ता चुनना पड़ा।
भारी संख्या में उमड़ा जनसमर्थन
भूख हड़ताल के पहले दिन ही क्षेत्र के गणमान्य लोग और सैकड़ों युवा मौके पर पहुंचे। आंदोलन में मुख्य रूप से आलोक नागर, मास्टर दिनेश नागर, ब्रह्मपाल कपासिया, बलराज हूंण, प्रेमराज भाटी, प्रेम प्रधान, यतेंद्र नागर, बालेश्वर नागर, राकेश नागर, एडवोकेट अनिल भाटी, विजय शर्मा, सुशील प्रधान, मलखान यादव, बसंत भाटी और मोहित अधाना सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
आंदोलनकारियों का साफ कहना है कि जब तक प्रशासन इन मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लेता, तब तक यह भूख हड़ताल जारी रहेगी।
