गाजियाबाद/दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने एक बेहद चौंकाने वाली कार्रवाई करते हुए गाजियाबाद से चर्चित ‘एक्स मुस्लिम’ यूट्यूबर सलीम वास्तिक को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद जो सच सामने आया है, उसने सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस के होश उड़ा दिए हैं। जिस सलीम वास्तिक को दुनिया एक यूट्यूबर के रूप में जानती थी, वह असल में दिल्ली पुलिस का ‘भगोड़ा हत्यारा’ निकला, जो पिछले 25 सालों से अपनी पहचान छिपाकर यूपी के अलग-अलग शहरों में रह रहा था।
13 साल के बच्चे का अपहरण और कत्ल
सलीम वास्तिक का असली नाम सलीम खान (पुत्र नूरहसन) है, जो मूल रूप से शामली के नानूपुरा का रहने वाला है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, 20 जनवरी 1995 को सलीम ने दिल्ली के रहने वाले 13 साल के मासूम संदीप बंसल का अपहरण किया था। फिरौती मांगने के बाद उसने बेरहमी से बच्चे की हत्या कर दी थी। इस चर्चित हत्याकांड ने उस वक्त पूरी दिल्ली को हिलाकर रख दिया था।
सजा हुई, बेल मिली और फिर 25 साल का ‘अज्ञातवास’
दिल्ली पुलिस ने तब सलीम को गिरफ्तार कर जेल भेजा था और साल 1997 में उसे आजीवन कारावास की सजा हुई थी। साल 2000 में उसे पैरोल (बेल) मिली, लेकिन जेल से बाहर आते ही वह फरार हो गया। पिछले ढाई दशकों में वह शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ और गाजियाबाद में लगातार ठिकाने और पहचान बदलकर पुलिस की आंखों में धूल झोंकता रहा। हैरानी की बात यह है कि दिल्ली और यूपी पुलिस उसे इतने सालों तक पहचान ही नहीं सकी।
जानलेवा हमले ने खोली पोल
सलीम वास्तिक हाल ही में तब चर्चा में आया जब 27 फरवरी 2026 की सुबह गाजियाबाद स्थित उसके ऑफिस में दो भाइयों ने उस पर हमला कर दिया था। नकाबपोश हमलावरों ने उस पर चाकू से 14 वार किए थे और गला रेतने की कोशिश की थी। सलीम एक महीने तक अस्पताल में मौत से लड़ता रहा। उस हमले के आरोपी दोनों भाई पुलिस एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं।
इस जानलेवा हमले के बाद जब सलीम की सुरक्षा और पहचान को लेकर गहन जांच शुरू हुई, तो दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम को उसके असली अतीत की भनक लग गई। तकनीकी निगरानी और पुराने रिकॉर्ड्स के मिलान के बाद शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस ने उसे गाजियाबाद स्थित उसके घर से दबोच लिया।
यूट्यूब की आड़ में छिपाई पहचान
सलीम ने इस्लाम धर्म छोड़कर ‘सलीम वास्तिक’ के नाम से सोशल मीडिया पर पहचान बनाई थी। वह यूट्यूब पर सक्रिय था और एक ‘एक्स मुस्लिम’ के तौर पर अपनी पहचान स्थापित कर चुका था। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि विचारधारा और धर्म की आड़ में एक उम्रकैद की सजा काट चुका अपराधी छिपा बैठा है। फिलहाल दिल्ली पुलिस उसे गोकलपुरी थाने ले गई है, जहाँ उससे पूछताछ जारी है।
