गाजियाबाद: गर्मी का पारा बढ़ते ही आगजनी की घटनाओं में तेजी से इजाफा हो रहा है। ताजा मामला गाजियाबाद के थाना क्रॉसिंग रिपब्लिक क्षेत्र का है, जहां मंगलवार को गोल मार्केट में अचानक भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में देखते ही देखते 100 से अधिक दुकानें जलकर राख हो गईं, जिससे दुकानदारों का लाखों रुपये का माल स्वाहा हो गया। आग की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसकी लपटें पास ही स्थित एक हाईराइज बिल्डिंग की 18वीं मंजिल तक जा पहुंचीं।
शॉर्ट सर्किट से शुरू हुआ तांडव
शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। चश्मदीदों के मुताबिक, मार्केट में लगी आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया। दुकानों में रखा प्लास्टिक, कपड़ा और अन्य ज्वलनशील सामान होने के कारण आग तेजी से फैली। गनीमत रही कि आग लगने के दौरान लोग समय रहते सुरक्षित बाहर निकल आए, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
हाईराइज बिल्डिंग के 18वें फ्लोर तक पहुंची चिंगारियां
मार्केट में लगी इस आग की भीषण चिंगारियां पास की सोसाइटी की ऊंची इमारतों तक जा पहुंचीं। हवा के तेज झोंकों के साथ आग की लपटें बिल्डिंग के 18वें फ्लोर पर स्थित एक फ्लैट तक पहुंच गईं, जिससे वहां भी आग लग गई। फ्लैट में रखा लाखों का कीमती सामान जलकर खाक हो गया। दमकल विभाग की कई गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर दोनों ही जगहों पर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
बिल्डर के खिलाफ निवासियों का फूटा गुस्सा
इस घटना ने हाईराइज सोसायटियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय निवासियों ने बिल्डर प्रबंधन के खिलाफ जमकर आक्रोश व्यक्त किया। निवासियों का आरोप है कि बिल्डर द्वारा मेंटेनेंस के नाम पर उनसे मोटी रकम वसूली जाती है, लेकिन सुविधाओं और आपातकालीन सुरक्षा के नाम पर शून्य है।
लोगों का कहना था कि आज की घटना के दौरान सोसाइटी के फायर फाइटिंग सिस्टम (आग बुझाने के इंतजाम) पूरी तरह फेल नजर आए। यदि दमकल की गाड़ियां समय पर न पहुंचतीं, तो एक बड़ी त्रासदी हो सकती थी।
प्रशासनिक स्थिति
फिलहाल दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस नुकसान का आकलन करने में जुटी है। विभाग यह भी जांच कर रहा है कि मार्केट और संबंधित बिल्डिंग में अग्नि सुरक्षा के मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
