नोएडा: सेक्टर-18 स्थित आदित्य बिरला हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी के कार्यालय में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) के कार्यकर्ता एक पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए उनके दफ्तर जा पहुंचे। यूनियन के भारी दबाव और धरने की चेतावनी के बाद बीमा कंपनी को घुटने टेकने पड़े और पीड़ित का बकाया क्लेम तत्काल पास करना पड़ा।
क्या है पूरा मामला?
बरौला निवासी सुरेंद्र सिंह की पत्नी का पिछले कुछ दिनों से अस्पताल में इलाज चल रहा था। परिवार ने सुरक्षा के लिहाज से आदित्य बिरला का हेल्थ इंश्योरेंस ले रखा था। इलाज पूरा होने के बाद अस्पताल ने कुल 2,70,000 रुपये का बिल बनाया। नियमानुसार बीमा कंपनी को यह राशि चुकानी थी, लेकिन कंपनी ने मनमानी करते हुए केवल 1,15,000 रुपये ही अप्रूव किए।
बाकी की भारी-भरकम राशि के लिए अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। परेशान परिवार जब कंपनी के दफ्तर पहुंचा, तो अधिकारियों ने संतोषजनक जवाब देने के बजाय उन्हें टरकाना शुरू कर दिया।
भाकियू लोकशक्ति ने अधिकारियों को घेरा
पीड़ित परिवार की मदद के लिए भाकियू लोकशक्ति के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी बीसी प्रधान और महानगर अध्यक्ष महेश तंवर दर्जनों कार्यकर्ताओं के साथ कंपनी के ऑफिस पहुंचे। किसानों का रौद्र रूप देखकर कई अधिकारी और कर्मचारी ऑफिस छोड़कर खिसक गए।
यूनियन ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि शेष धनराशि का अप्रूवल तुरंत नहीं मिला, तो वे दफ्तर के अंदर ही अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर देंगे। इस दौरान कंपनी के एक गार्ड अमन रंजन ने जिम्मेदारी संभालते हुए वरिष्ठ अधिकारियों से वार्ता कराई। किसानों के भारी दबाव के आगे झुकते हुए कंपनी ने पूरे बिल की धनराशि को तत्काल अप्रूव कर दिया, जिसके बाद मरीज को अस्पताल से छुट्टी मिल सकी।
“एजेंट करते हैं बड़े वादे, वक्त पर होता है शोषण”
महानगर अध्यक्ष महेश तंवर ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि बीमा कंपनियां पॉलिसी बेचते समय बड़े-बड़े सपने दिखाती हैं, लेकिन जब मरीज मुसीबत में होता है, तो उसका शोषण किया जाता है। राष्ट्रीय महासचिव चौधरी बीसी प्रधान ने स्पष्ट किया कि किसी भी गरीब, मजदूर या किसान का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसी कंपनियों के खिलाफ यूनियन का संघर्ष जारी रहेगा।
मौके पर मौजूद रहे ये पदाधिकारी
इस शक्ति प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से राजपाल कसाना, डॉक्टर बबलू यादव, हरेंद्र बैसोया, मन्नू पंडित, महेश चौधरी, उपाध्यक्ष हरि अवाना, विजयपाल भाटी, अरुण गौतम, गोविंद अम्बावता, योगेश बैसोया, दीपक कुमार, अंकुर कश्यप सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
