नोएडा में बिजली मीटर बनाने वाली फैक्ट्री में भीषण आग सुरक्षा मानकों की अनदेखी से गई मजदूर की जान फैक्ट्री को किया गया बंद

नोएडा में बिजली मीटर बनाने वाली फैक्ट्री में भीषण आग सुरक्षा मानकों की अनदेखी से गई मजदूर की जान फैक्ट्री को किया गया बंद

सेक्टर 4 में स्थित बिजली मीटर बनाने वाली कंपनी में लगी थी भीषण आग एक मजदूर की मौत 35 से ज्यादा लोग हुए थे घायल

नोएडा की सेक्टर 4 में स्थित बिजली मीटर बनाने वाले फैक्ट्री में लगी भीषण आग का मामला अब गंभीर लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है 12 मार्च की सुबह करीब 5 बजे नाइट शिफ्ट के दौरान अचानक फैक्ट्री में आग लग गई जिसने कुछ ही मिनट में विकराल रूप ले लिया आग इतनी तेजी से फैली की वहा काम कर रहे मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।चारों तरफ धुआं और अफरातफरी का माहौल बन गया किसी तरह कर्मचारियों ने बाहर निकाल कर अपनी जान बचाई लेकिन इस हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई जबकि 35 से ज्यादा कर्मचारी घायल हो गए थे।इन सभी घायलों को इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भी भर्ती कराया गया था।

तीन दिन तक लापता रहा मजदूर स्टोर रूम में मिला शव

हदसे के बाद एक मजदूर लापता हो गया था जिसे परिजनों की चिंता बढ़ गई थी राहत और बचाव टीमों ने लगातार तलाश की लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला करीब 3 दिन बाद फैक्ट्री के अंदर बने स्टोर रूम से उसका शव बरामद हुआ इस खुलासे के बाद फैक्ट्री प्रबंधन पर लापरवाही के गंभीर सवाल खड़े हो गए  परिजनों का आरोप है कि समय पर और सही तरीके से अगर रेस्क्यू ऑपरेशन किया जाता तो शायद मजदूर की जान बचाई जा सकती थी घटना के बाद सहायक निदेशक कारखाना राम बहादुर के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गई जांच में सामने आए की फैक्ट्री में काफी समय से पुरानी और जर्जर वायरिंग लगी हुई थी इसके अलावा फैक्ट्री में जरूर से ज्यादा मशीन चलाई जा रही थी जिससे बिजली पर अत्यधिक दबाव बना हुआ था यही कारण रहा कि शार्ट सर्किट हुआ और आग भड़क उठी। उन्होंने यह भी बताया कि सबसे चौंकाने वाली बात इस हादसे में यह रही की फैक्ट्री प्रबंधन ने विद्युत सुरक्षा का कोई वैध प्रमाण पत्र भी नहीं लिया था जो कि नियमों का सीधा उल्लंघन है।

अवैध निर्माण में चल रहा था उत्पादन सुरक्षा के इंतजाम में भारी चूक

जांच टीम को यह भी पता चला की फैक्ट्री में अवैध निर्माण कर उत्पादन किया जा रहा था बेसमेंट ग्राउंड फ्लोर और अतिरिक्त मंजिलों के अलावा छत पर भी उत्पादन गतिविधियां चल रही थी फैक्ट्री परिसर में जगह बहुत कम थी और आपातकालीन स्थिति में बाहर निकालने के लिए पर्याप्त रास्ते भी नहीं थे जिसकी वजह से फायर ब्रिगेड को आग बुझाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती। इस दौरान फैक्ट्री के अंदर यह भी देखा गया कि फायर सेफ्टी के जो इंतजाम थी वह बेहद कमजोर पाए गए थे आज जाने के लिए कोई भी प्रशिक्षित कर्मचारी भी मौजूद नहीं था। घटना के समय फैक्ट्री के अंदर ज्वलनशील पदार्थ भी बड़ी मात्रा में पाए गए थे। जिसे आज तेजी से फैल गई और हालात बेकाबू हो गए।


अधिकारी का बयान गंभीर लापरवाही नियमों का खुला उल्लंघन

सहायक निदेशक कारखाना रामबहादुर ने बताया कि जांच में फैक्ट्री में कई गंभीर खामियां सामने आई है उन्होंने कहा की फैक्ट्री में पुरानी वायरिंग ओवरलोड मशीन और विद्युत सुरक्षा प्रमाण पत्र का अभाव पाया गया है फायर सेफ्टी के इंतजाम भी पर्याप्त नहीं थे साथ ही अवैध निर्माण में उत्पादन किया जा रहा था जो नियमों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने बताया की फैक्ट्री मालिक और प्रबंधन से एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा गया है तब तक के लिए फेक्ट्री पर ताला लगा दिया गया है और उत्पादन कार्य पूरी तरह से बंद किया गया है जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन अब आगे की कार्रवाई करेगी।

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