ग्रेटर नोएडा/बिसरख: विदेश जाकर नौकरी करने का सपना देखने वाले युवाओं को शिकार बनाने वाले एक शातिर ठग को बिसरख पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में फर्जी वर्क परमिट, एग्रीमेंट लेटर और कूटरचित दस्तावेज बरामद किए हैं। यह ठग अपना नाम बदलकर लोगों का विश्वास जीतता था और प्रति व्यक्ति डेढ़ से दो लाख रुपये तक वसूलता था।
चार मूर्ति के पास से हुई गिरफ्तारी
बुधवार (8 अप्रैल 2026) को थाना बिसरख पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस की मदद से हिंडन नदी पुल (चार मूर्ति) के पास घेराबंदी कर इसहाक युनुस को गिरफ्तार किया। आरोपी मूल रूप से रामपुर जिले का रहने वाला है और वर्तमान में ठगी के नेटवर्क को संचालित कर रहा था।
ठगी का तरीका: फर्जी नाम और कूटरचित दस्तावेज
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए ठगी के तरीकों का खुलासा किया:
फर्जी पहचान: आरोपी अपना असली नाम छुपाकर लोगों को अपना नाम ‘संतोष’ बताता था। इसके लिए उसने ‘संतोष’ के नाम से एक फर्जी आधार कार्ड भी बनवा रखा था ताकि ऑफिस आने वाले लोगों को उस पर शक न हो।
फर्जी वर्क परमिट: आरोपी लोगों को मालदीव और अन्य देशों में भेजने के नाम पर ‘क्रिटोनिका कंपनी’ के फर्जी एग्रीमेंट और कॉन्ट्रैक्ट लेटर थमा देता था।
मोटी वसूली: वह विदेश भेजने के नाम पर एक व्यक्ति से 1.5 से 2 लाख रुपये की ठगी करता था।
बरामदगी का विवरण
पुलिस ने आरोपी के पास से तकनीकी और फर्जी दस्तावेजों का जखीरा बरामद किया है:
50 फर्जी वर्क परमिट और एंट्री पास।
क्रिटोनिका कंपनी के 03 एग्रीमेंट और 03 कॉन्ट्रैक्ट लेटर (मालदीव)।
फर्जी पहचान पत्र (आधार कार्ड की फोटो कॉपी)।
आरोपी के असली दस्तावेज (पैन कार्ड, चेकबुक आदि)।
03 मोबाइल फोन (विभिन्न कंपनियों के)।
गिरफ्तार अभियुक्त
इसहाक युनुस पुत्र युनुस उस्मान, निवासी दोमाला रोड, थाना गंज, जिला रामपुर (उम्र 38 वर्ष)।
कानूनी कार्रवाई
बिसरख पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं (धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करना) के तहत मु0अ0सं0 230/2026 पंजीकृत किया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस शातिर ठग ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और इस गिरोह में अन्य कौन लोग शामिल हैं।

