पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी तनाव के बीच भारत सरकार ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर जनता को आश्वस्त किया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी (LPG), पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।
घबराएं नहीं, आपूर्ति सुरक्षित है
प्रेस वार्ता के दौरान पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि भू-राजनीतिक स्थितियों के बावजूद भारत के पास ईंधन का पर्याप्त भंडार है। उन्होंने उपभोक्ताओं से ‘पैनिक बुकिंग’ (घबराहट में बुकिंग) और अफवाहों से बचने की अपील की है।
LPG वाहक जहाज: भारतीय ध्वज वाले दो बड़े जहाज, ‘पाइन गैस’ (45,000 MT) और ‘जग वसंत’ (47,600 MT), होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार कर भारत की ओर बढ़ रहे हैं। ये जहाज 26 और 27 मार्च तक कांडला और न्यू मैंगलोर बंदरगाह पहुंच जाएंगे।
नाविकों की सुरक्षा: खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी 20 भारतीय जहाज और 540 नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं।
PNG कनेक्शन के लिए 5 दिनों का अल्टीमेटम
सरकार ने घरेलू ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। PNGRB ने सभी सिटी गैस वितरण कंपनियों को निर्देश दिया है कि जहाँ पाइपलाइन बुनियादी ढांचा उपलब्ध है, वहाँ निम्नलिखित स्थानों पर 5 दिनों के भीतर पीएनजी (PNG) कनेक्शन प्रदान किए जाएं:
आवासीय स्कूल, कॉलेज और छात्रावास।
सामुदायिक रसोई।
आंगनवाड़ी केंद्र।
राजनयिक स्तर पर ऊर्जा सुरक्षा की चिंता
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत के विदेश मंत्री ने अमेरिकी विदेश मंत्री और श्रीलंका के विदेश मंत्री के साथ पश्चिम एशिया संकट के अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों पर विस्तृत चर्चा की है। साथ ही, खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के राजदूतों के साथ भी संवाद स्थापित किया गया है ताकि क्षेत्र में भारतीय समुदाय और व्यापारिक हितों की रक्षा की जा सके।
