
नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने आज पांच राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल 2026 को एक ही चरण में मतदान होगा। तमिलनाडु में मतदान 23 अप्रैल, जबकि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान कराया जाएगा। सभी राज्यों के चुनाव परिणाम 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे।
कुल सीटें और मतदाता
चुनाव आयोग के अनुसार इन पांच राज्यों और पुडुचेरी में कुल 824 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। लगभग 17.4 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। यह संख्या कई बड़े देशों—जैसे ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, जर्मनी, कनाडा और दक्षिण अफ्रीका—की कुल आबादी के बराबर है।
नए चुनावी प्रयोग और पारदर्शिता
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि पिछले एक साल में चुनाव प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने के लिए कई नए प्रयोग किए गए हैं। इनमें शामिल हैं:
– SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन) अभियान: यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई अयोग्य व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो।
– मोबाइल फोन नियम: मतदान के दौरान मोबाइल फोन को पोलिंग स्टेशन के बाहर रखना होगा; वोट देने के बाद मतदाता अपना फोन वापस ले सकेंगे।
युवाओं और पहली बार मतदाता से अपील
ज्ञानेश कुमार ने खास तौर पर युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले नागरिकों से अपील की कि वे लोकतंत्र के इस महत्वपूर्ण पर्व में जरूर भाग लें। उन्होंने कहा,
“आपका वोट आपकी पसंद है और यही देश के भविष्य को तय करता है।”
अंतरराष्ट्रीय निगरानी
चुनाव आयोग ने यह भी बताया कि इस बार 20 से अधिक देशों के चुनाव आयोगों के प्रतिनिधि भारत आकर चुनाव प्रक्रिया का अवलोकन करेंगे। यह कदम भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में वैश्विक रुचि और भरोसे को दर्शाता है।
इस ऐलान के साथ ही पांच राज्यों में चुनावी माहौल पूरी तरह गरम हो गया है और सभी राजनीतिक दल रैलियों, घोषणापत्र और प्रचार अभियानों में जुट जाएंगे।
