

नई दिल्ली | दक्षिण-पश्चिम जिला कोर्ट रिपोर्ट
दिल्ली के वसंत कुंज साउथ थाना क्षेत्र से सामने आया एक सनसनीखेज मामला रिश्तों, भरोसे और कानून के जटिल पहलुओं को उजागर करता है। जीवनसाथी डॉट कॉम पर शुरू हुई दोस्ती तीन साल तक लिव-इन रिलेशनशिप में बदली, शादी की तारीख तय होने तक बात पहुंची, लेकिन अंत में मामला बलात्कार और धोखाधड़ी की FIR तक जा पहुंचा। अब इस मामले में अदालत ने आरोपी को नियमित जमानत दे दी है।
जीवनसाथी डॉट कॉम से शुरू हुआ रिश्ता
पीड़िता मनीषा कुमारी, जो दिल्ली के वसंत कुंज की रहने वाली हैं, ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि नवंबर 2022 में उनकी मुलाकात राहुल पिता विनोद कुमार शर्मा स्थायी पता : मकान संख्या 197, नया राम नगर, उरई, जिला जालौन, उत्तर प्रदेश, भारत शर्मा से जीवनसाथी डॉट कॉम पर हुई थी। बातचीत बढ़ी, मुलाकातें शुरू हुईं और जल्द ही दोनों एक-दूसरे के करीब आ गए।
मनीषा का आरोप है कि राहुल ने शादी का वादा कर उन्हें दिल्ली के महिपालपुर (L-144, गली नंबर 9) स्थित अपने घर बुलाया, जहां दोनों साथ रहने लगे। इसके बाद करीब तीन साल तक दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहे। इस दौरान मनीषा राहुल के परिवार के साथ भी रहीं और शादी को लेकर दोनों परिवारों में बातचीत चलती रही।
शादी की तारीख तय, लेकिन रिश्ते में आई दरार
पीड़िता के अनुसार जून 2024 में शादी होनी थी। इसी बीच राहुल गाजियाबाद के बृज विहार में रहने लगा। हालांकि दोनों का आना-जाना जारी रहा। मनीषा का आरोप है कि इसी दौरान राहुल की बहन मुस्कान शर्मा गाजियाबाद आई, जिसके बाद राहुल के व्यवहार में बदलाव आने लगा।
करीब 10 दिनों तक राहुल ने फोन उठाना बंद कर दिया और बातचीत लगभग खत्म हो गई। मनीषा का कहना है कि इसी दौरान राहुल ने किसी दूसरी लड़की से बातचीत शुरू कर दी और नया रिश्ता बना लिया, जबकि वह उनसे शादी का वादा कर चुके थे।
ब्लैकमेलिंग, पैसों की मांग और FIR
मनीषा ने आरोप लगाया कि आखिरी बार 3 अगस्त 2025 को राहुल ने उनसे शारीरिक संबंध बनाए और उसके बाद उन्हें ब्लॉक कर दिया। बाद में शादी के नाम पर पैसे मांगने, धमकाने और बदनाम करने का आरोप भी लगाया गया।
आरोपी का कबूलनामा: शादी का वादा किया था
पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज डिस्क्लोजर स्टेटमेंट में आरोपी राहुल शर्मा ने स्वीकार किया कि उसकी मुलाकात मनीषा से नवंबर 2022 में हुई थी। उसने माना कि उसने शादी का वादा किया था, कई बार शारीरिक संबंध बनाए। बयान में उसने गलती स्वीकार करते हुए माफी भी मांगी।
कोर्ट की टिप्पणी और जमानत
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि दोनों के बीच संबंध लंबे समय तक रहे, आपसी सहमति से थे और परिवारों की जानकारी में थे। पीड़िता ने सत्र न्यायालय में यह भी कहा कि यदि आरोपी शादी की तारीख तय कर दे तो उसे जमानत दिए जाने पर आपत्ति नहीं है।
इतना ही नहीं मनीषा ने यह भी बताया है कि राहुल शर्मा के बड़े भाई श्याम शर्मा ने जब राहुल शर्मा जेल में थे तब मनीषा पर दबाव बनाया कि तुम स्टेटमेंट बदल दो और जब राहुल शर्मा वापस आ जाए तो 1 महीने के अंदर तुम्हारी शादी करवा देंगे हमें तुम्हारी शादी से कोई एतराज नहीं है ऐसा ही कुछ उनके पिता विनोद ने भी यही बोला था
चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, आरोपी तीन महीने से अधिक समय से जेल में है और आगे कस्टोडियल पूछताछ की जरूरत नहीं है—इन तथ्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को ₹25,000 के निजी मुचलके पर नियमित जमानत दे दी।
अब बड़ा सवाल
यह मामला एक बार फिर सवाल खड़ा करता है—
क्या लंबे समय तक चले सहमति वाले रिश्ते में शादी का वादा टूटने पर बलात्कार का मामला बनता है?
इसका जवाब अब ट्रायल के बाद ही सामने आएगा।
