नोएडा। भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) ने ज़ेवर टोल प्लाजा के मैनेजर द्वारा किसान संगठन के कार्यकर्ताओं के प्रति कथित रूप से ‘अशोभनीय भाषा’ का प्रयोग करने और उन्हें ‘असामाजिक तत्व’ कहे जाने पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। इस संबंध में भाकियू कार्यकर्ताओं ने थाना सेक्टर-49 स्थित एसीपी कार्यालय पहुंचकर एसीपी राकेश कुमार सिंह और इंस्पेक्टर सुनील शर्मा को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा।
क्या है पूरा मामला?
भाकियू लोकशक्ति के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी बीसी प्रधान ने बताया कि यमुना एक्सप्रेस-वे स्थित ज़ेवर टोल के मैनेजर ने किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं को ‘असामाजिक तत्व’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बयान न केवल असंवैधानिक है, बल्कि किसानों और समाजसेवियों का अपमान है।
किसानों में भारी रोष
चौधरी बीसी प्रधान ने कहा कि किसान यूनियन के पदाधिकारी बिना किसी वेतन या भत्ते के निस्वार्थ भाव से किसानों की आवाज़ शासन और प्रशासन तक पहुँचाते हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों (मंत्री, सांसद, विधायक) को टोल से छूट मिलती है, जबकि वे वेतन और भत्ते भी प्राप्त करते हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने उक्त मैनेजर के खिलाफ जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की, तो किसान संगठन बड़ा निर्णय लेने के लिए मजबूर होंगे।
विरोध प्रदर्शन में इनकी रही मौजूदगी
इस अवसर पर मुख्य रूप से भाकियू के परिवहन मंत्री ओमप्रकाश गुर्जर, महानगर अध्यक्ष महेश तंवर, युवा अध्यक्ष राजकुमार मोनू, अजब सिंह भाटी, हरेन्द्र बैसोया, हरि अवाना, विजयपाल भाटी, कालू तंवर, अरुण गौतम, मनोज शर्मा, सुनील अंबावता, सुधीर ठाकुर, दीपक कुमार, नरेश शर्मा, अनुज नागर, धनंजय और अरुण सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
