नई दिल्ली: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित ‘कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट’ (CUET UG 2026) एक बार फिर विवादों के घेरे में है। देश भर की प्रमुख यूनिवर्सिटीज में प्रवेश का जरिया बनी इस महत्वपूर्ण परीक्षा में अव्यवस्थाओं के कारण छात्रों और उनके अभिभावकों में भारी आक्रोश है।
15 लाख से अधिक छात्रों का भविष्य अंधेरे में
CUET (UG) 2026 के लिए इस वर्ष लगभग 15.69 लाख छात्रों ने पंजीकरण कराया है। 11 मई से शुरू हुई ये परीक्षाएं 7 जून तक चलनी हैं, जिसके लिए भारत भर में 306 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। हालांकि, परीक्षा शुरू होने के पहले ही दिन से तकनीकी बाधाओं और कुप्रबंधन की खबरें सामने आ रही हैं।
NTA का ‘नोटिस’ ही सहारा
परीक्षा केंद्रों पर मची अफरा-तफरी के बीच NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। कई केंद्रों पर स्थिति यह है कि NTA द्वारा जारी एक संक्षिप्त लेटर (सूचना) चिपकाकर पल्ला झाड़ लिया गया है। इस नोटिस में तकनीकी खामियों (Technical Glitch) का हवाला देते हुए परीक्षा के देरी से शुरू होने की बात कही गई है। परीक्षा केंद्रों पर तैनात कर्मचारी और प्रशासन केवल इस नोटिस के सहारे अपनी जिम्मेदारी पूरी मान रहे हैं, जबकि घंटों से इंतजार कर रहे छात्र और उनके परिजन भीषण गर्मी और अनिश्चितता के बीच परेशान हैं।
सिस्टम पर उठ रहे सवाल
छात्रों और शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इतने बड़े स्तर की परीक्षा के लिए NTA की तैयारी पूरी तरह विफल साबित हो रही है। परीक्षा का सुचारू संचालन न कर पाना न केवल एजेंसी की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि यह उन लाखों छात्रों के लिए मानसिक तनाव का कारण भी बन रहा है जो अपनी मेहनत के दम पर प्रमुख विश्वविद्यालयों में प्रवेश पाना चाहते हैं।
क्या NTA इन तकनीकी गड़बड़ियों को दूर कर शेष परीक्षाओं को समय पर संपन्न करा पाएगा? यह एक बड़ा सवाल है।

