दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक अंतर्राष्ट्रीय अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए भगोड़े ड्रग तस्कर प्रभदीप सिंह उर्फ हैरी को अज़रबैजान की राजधानी बाकू से वापस भारत लाने में कामयाबी हासिल की है। यह पूरी कार्रवाई सीबीआई और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के समन्वय के साथ संपन्न हुई, जिसमें दिल्ली पुलिस की तीन सदस्यीय टीम बाकू पहुंची थी। प्रभदीप सिंह 2023 से भारत से फरार चल रहा था और उसे एनडीपीएस अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत दर्ज एक पुराने मामले में वांछित घोषित किया गया था, जिसमें भारी मात्रा में नशीले पदार्थों की बरामदगी हुई थी।
ड्रग सिंडिकेट में प्रभदीप सिंह की भूमिका और नेटवर्क का खुलासा
प्रभदीप सिंह का नाम 2021 के एक हाई-प्रोफाइल ड्रग मामले में मुख्य साजिशकर्ता के रूप में सामने आया था, जिसमें पुलिस ने 358 किलोग्राम हेरोइन बरामद की थी। जांच के दौरान यह पाया गया कि प्रभदीप सिंह तुर्की में बैठे अंतरराष्ट्रीय ड्रग किंगपिन नवप्रीत सिंह उर्फ नव का चचेरा भाई है और भारत में उसके पूरे नेटवर्क का संचालन करता था। वह न केवल ड्रग्स की खेप की आवाजाही पर नजर रखता था, बल्कि विदेश से मिलने वाले निर्देशों को स्थानीय तस्करों तक पहुंचाने के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करता था।
साल 2021 का वह मामला जिसने अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया
इस पूरे मामले की शुरुआत जुलाई 2021 में हुई थी जब स्पेशल सेल ने रिजवान अहमद नामक एक व्यक्ति को दिल्ली के घिटोरनी इलाके से गिरफ्तार किया था। उसकी गिरफ्तारी के बाद हुई कड़ियों की जांच ने पुलिस को फरीदाबाद और गुरुग्राम तक पहुंचाया, जहां से करोड़ों रुपये की हेरोइन और नशीले पदार्थ बनाने के रसायन बरामद किए गए। इस सिंडिकेट के तार अफगानिस्तान तक जुड़े हुए थे और इसमें एक अफगान नागरिक सहित कुल 11 लोगों की संलिप्तता पाई गई है। पुलिस अब प्रभदीप सिंह से गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस वैश्विक नेटवर्क के अन्य छिपे हुए चेहरों और फंडिंग के स्रोतों का पता लगाया जा सके।
