NEET 2026 रद्द: पेपर लीक के आरोपों के बाद NTA ने मानी गलती, अब CBI करेगी जांच; जानें केरल से सीकर तक कैसे फैला ‘क्वेश्चन बैंक’

NEET 2026 रद्द: पेपर लीक के आरोपों के बाद NTA ने मानी गलती, अब CBI करेगी जांच; जानें केरल से सीकर तक कैसे फैला ‘क्वेश्चन बैंक’

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET (UG) 2026 को पेपर लीक के पुख्ता सबूत मिलने के बाद रद्द कर दिया गया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मंगलवार को स्वीकार किया कि परीक्षा के संचालन में बड़ी चूक हुई है और इसकी नैतिक जिम्मेदारी एजेंसी की है। केंद्र सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की कमान CBI को सौंप दी है।

300 सवालों का ‘क्वेश्चन बैंक’ और लीक की क्रोनोलॉजी
जांच में सामने आया है कि इस बार पेपर लीक का जरिया कोई प्रिंटेड पेपर नहीं, बल्कि एक ‘क्वेश्चन बैंक’ था। इसमें 300 से ज्यादा हाथ से लिखे सवाल थे, जिनमें से 150 सवाल हूबहू मुख्य परीक्षा में आए। यानी 720 में से 600 नंबर के सवाल पहले ही बाजार में घूम रहे थे।

लीक की टाइमलाइन:
1 मई: केरल के एक मेडिकल छात्र ने यह ‘क्वेश्चन बैंक’ राजस्थान के सीकर में अपने दोस्त को भेजा।
2 मई: सीकर के पीजी (PG) संचालकों और करियर काउंसलर्स के जरिए यह व्हाट्सएप पर ‘फॉरवर्डेड मेनी टाइम्स’ के टैग के साथ फैला।
3 मई: 22.79 लाख छात्रों ने परीक्षा दी। इसी दिन शाम को राजस्थान पुलिस को पहली शिकायत मिली।
7 मई: NTA को व्हिसलब्लोअर के जरिए लीक के इनपुट मिले और पुष्टि हुई कि PDF परीक्षा से पहले ही बाहर थी।
12 मई: राजस्थान पुलिस (SOG) ने अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

शिक्षा मंत्री की चुप्पी और विपक्षी हमले
मामले पर जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने मीडिया से दूरी बनाए रखी। वहीं, विपक्ष ने इसे ‘अमृतकाल का विषकाल’ करार दिया है। राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल जैसे नेताओं ने इसे करोड़ों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया है।

क्या होगा अगला कदम?
नई परीक्षा: NTA अगले 6 से 8 दिनों में परीक्षा की नई तारीखों का ऐलान करेगा।
CBT की मांग: एक्सपर्ट्स और एलन (ALLEN) के सीईओ का कहना है कि अब समय आ गया है कि नीट को भी JEE की तरह कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में बदला जाए ताकि पेपर लीक के खतरों को कम किया जा सके।

2024 की यादें हुईं ताजा
बता दें कि साल 2024 में भी नीट परीक्षा पेपर लीक और ग्रेस मार्क्स के विवादों में रही थी। हालांकि तब सुप्रीम कोर्ट ने पूरी परीक्षा रद्द नहीं की थी, लेकिन 2026 की इस भारी चूक ने पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता को दांव पर लगा दिया है।


करोड़ों सपनों का ‘पेपर लीक’: नीट परीक्षा रद्द, 22.79 लाख छात्रों को फिर देना होगा एग्जाम।

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