नोएडा: शहर में स्वच्छ भारत मिशन और कचरा प्रबंधन के नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ नोएडा प्राधिकरण ने सख्त रुख अपना लिया है। शुक्रवार (24 अप्रैल 2026) को प्राधिकरण की टीम ने सेक्टर-8 स्थित एक बड़े क्लाउड किचन पर छापेमारी करते हुए 2 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया। साथ ही प्रतिबंधित सिंगल यूज़ प्लास्टिक का भारी स्टॉक भी बरामद किया गया है।
छापेमारी के दौरान मिली गंभीर कमियां
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ के निर्देशों के क्रम में जन स्वास्थ्य अधिकारी इन्दु प्रकाश सिंह और स्वास्थ्य एवं सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के प्रबंधक राहुल कुमार के नेतृत्व में सेक्टर-8 स्थित M/s KIC Food Product Pvt. Ltd. (क्लाउड किचन) का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि यह प्रतिष्ठान ‘बल्क वेस्ट जनरेटर’ (BWG) की श्रेणी में आता है, लेकिन यहाँ कचरा प्रबंधन से जुड़े नियमों की जमकर अनदेखी की जा रही थी।
प्राधिकरण ने निरीक्षण के दौरान निम्नलिखित गंभीर कमियाँ पाईं:
ETP प्लांट बंद: प्रदूषित पानी को साफ करने वाला Effluent Treatment Plant (ETP) क्रियाशील नहीं मिला।
मशीनों का अभाव: ऑयल, ग्रीस ट्रैप, ट्यूब सेटलर और फ्लो मीटर जैसी जरूरी मशीनें नहीं लगी थीं।
OWC प्लांट गायब: बल्क वेस्ट जनरेटर होने के बावजूद ऑर्गेनिक वेस्ट कंपोस्टर (OWC) प्लांट नहीं लगाया गया था।
वेस्ट मैनेजमेंट का उल्लंघन: सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के नियमों और कूड़ा पृथक्करण (Segregation) का पालन नहीं हो रहा था।
प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग: नोएडा में पूर्णतः प्रतिबंधित सिंगल यूज़ प्लास्टिक का इस्तेमाल भारी मात्रा में किया जा रहा था। मौके से 30 किलोग्राम प्लास्टिक जब्त की गई।
2 लाख का जुर्माना और सख्त चेतावनी
इन सभी अनियमिताओं को देखते हुए प्राधिकरण ने क्लाउड किचन संचालक पर 2,00,000 (दो लाख) रुपये का आर्थिक दंड लगाया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बल्क वेस्ट जनरेटर के नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं किया गया, तो दंडात्मक कार्रवाई के तहत प्रतिष्ठान को सील भी किया जा सकता है।
रेडिसन होटल का भी हुआ निरीक्षण
इसके उपरांत टीम ने सेक्टर-55 स्थित रेडिसन होटल में भी ओडब्ल्यूसी मशीन और ईटीपी प्लांट का निरीक्षण किया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बड़े संस्थान नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। निरीक्षण टीम में पर्यावरण सेल के अब्दुल रहमान, श्रीमती प्रियंका, सूरज सिंह (मैसर्स गाइडेड फॉर्च्यून समिति) और अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
