हापुड़: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में रविवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब रेलवे लाइन के किनारे एक संदिग्ध बैग में महिला का कटा हुआ सिर होने की अफवाह फैल गई। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और ट्रेन तक रोकनी पड़ी। हालांकि, जब पुलिस ने बैग खोला, तो सच्चाई कुछ और ही निकली, जिससे पुलिस प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
पिन्नी देखते ही फैली ‘कत्ल’ की दहशत
मामला नगर कोतवाली क्षेत्र के रेलवे स्टेशन से दिल्ली फाटक की ओर जाने वाली रेलवे लाइन का है। रविवार सुबह स्थानीय लोगों ने पटरी के किनारे एक संदिग्ध पिन्नी (प्लास्टिक बैग) देखी। बैग का आकार और उसमें से दिख रही आकृति को देखकर लोगों को लगा कि इसमें किसी महिला का कटा हुआ सिर है। यह खबर जंगल की आग की तरह फैल गई और घटनास्थल पर लोगों का ताला लग गया।
बीच रास्ते में रुकी ‘सिद्धबली एक्सप्रेस’
दहशत का आलम यह था कि दिल्ली से कोटद्वार जा रही सिद्धबली जन शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन भी घटनास्थल के पास रुक गई। यात्री खिड़कियों से बाहर झांकने लगे और हर कोई किसी अनहोनी की आशंका से डरा हुआ था। सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विनोद पांडेय भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
जांच में निकले ‘नकली बाल’ (Wig)
पुलिस ने भीड़ को पीछे हटाकर बेहद सावधानी के साथ संदिग्ध पिन्नी को खोला। जैसे ही पुलिस ने बैग की जांच की, अंदर से एक के बाद एक तीन विग (नकली बाल) निकले। जिसे लोग कटा हुआ सिर समझ रहे थे, वह दरअसल विग का गुच्छा था। बैग में न तो कोई शव था और न ही कोई खून के निशान।
पुलिस का बयान: मामला निकला गलतफहमी
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विनोद पांडेय ने बताया कि शुरुआत में मिली सूचना के आधार पर पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ पहुँची थी। उन्होंने कहा, “गहन जांच के बाद बैग से केवल विग बरामद हुए हैं। महिला का सिर होने की बात महज एक अफवाह थी जो गलतफहमी के कारण फैली। इसमें कोई आपराधिक मामला नहीं बनता है।”
