शामली: उत्तर प्रदेश के शामली जिले में कोतवाली पुलिस ने डिजिटल ठगी करने वाले एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो यूट्यूब (YouTube) के जरिए लोगों को ठगने के नए-नए तरीके सीखता था। पुलिस ने एक दुकानदार से 30 हजार रुपये की ठगी करने के मामले में तीन युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इनके पास से नकदी, मोबाइल और वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद हुई है।
गांधी चौक पर फर्जी ऐप से दिया वारदात को अंजाम
मामला शामली शहर कोतवाली क्षेत्र के गांधी चौक का है। यहाँ स्थित एक दुकान पर तीन अज्ञात युवक पहुँचे और दुकानदार को अपनी बातों में उलझाकर फर्जी पेमेंट ऐप के माध्यम से ₹30,000 का ट्रांजैक्शन दिखाया। दुकानदार को लगा कि पैसा खाते में आ गया है, लेकिन असल में वह एक फर्जी स्क्रीनशॉट था। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने तत्काल कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई।
नहर पुलिया के पास से हुई गिरफ्तारी
अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) सुमित शुक्ला के नेतृत्व में गठित टीम ने सर्विलांस और मुखबिर की मदद से जाल बिछाया। पुलिस ने थाना झिंझाना की नहर पुलिया के पास से घेराबंदी कर तीन आरोपियों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:
- नकुल
- रजत
- टिंकू (तीनों निवासी ग्राम बिलासपुर, देवबंद, जिला सहारनपुर)
YouTube बना ठगी का ‘गुरु’
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस के सामने जो खुलासा किया वह हैरान करने वाला है। आरोपियों ने बताया कि वे YouTube पर ऐसे वीडियो देखते थे जिनमें फर्जी ऐप डाउनलोड करने और लोगों को डिजिटल ट्रांजैक्शन के नाम पर चूना लगाने के टिप्स दिए जाते थे। वे लगातार यूट्यूब के माध्यम से ठगी के नए-नए तरीके सीखकर वारदातों को अंजाम दे रहे थे।
पुराना आपराधिक इतिहास
एएसपी सुमित शुक्ला ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीनों युवकों का पहले भी आपराधिक इतिहास रहा है। ये पेशेवर तरीके से भोले-भाले दुकानदारों को निशाना बनाते थे। पुलिस अब इनके अन्य साथियों और इनके द्वारा की गई पिछली वारदातों की कुंडली खंगाल रही है।
”तीनों युवक सहारनपुर के देवबंद क्षेत्र के रहने वाले हैं। इन्होंने शामली में एक दुकानदार से फर्जी ट्रांजैक्शन कर 30 हजार रुपये ठगे थे। पूछताछ में इन्होंने यूट्यूब से ठगी के तरीके सीखने की बात कबूल की है। इनके पास से बरामदगी कर इन्हें जेल भेजा जा रहा है।” — सुमित शुक्ला, अपर पुलिस अधीक्षक, शामली

