नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने राजधानी में सक्रिय आपराधिक गैंग्स के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने कुख्यात नरेंदर गैंग के दो सक्रिय और खतरनाक अपराधियों को हथियारों के जखीरे के साथ गिरफ्तार किया है। इनकी गिरफ्तारी से दिल्ली-एनसीआर में किसी बड़ी वारदात की साजिश को नाकाम कर दिया गया है।
भलस्वा झील के पास बिछाया गया जाल
क्राइम ब्रांच को पुख्ता सूचना मिली थी कि नरेंदर गैंग के दो सदस्य किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने के मकसद से भलस्वा झील के पास आने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी की। जैसे ही संदिग्ध वहां पहुंचे, टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए दोनों को दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार बदमाशों की पहचान अपराध की दुनिया के पुराने चेहरों के रूप में हुई है:
- रणधीर उर्फ विजय
- परवेश उर्फ मोहम्मद दानिश
बरामदगी का विवरण
तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से घातक हथियार बरामद किए गए हैं, जिनका उपयोग वे लूट और डकैती जैसी वारदातों में करते थे:
- 01 सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल
- 01 देसी कट्टा
- 04 जिंदा कारतूस
अलीगढ़ कनेक्शन और आपराधिक इतिहास
पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि वे अवैध हथियार उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ स्थित एक सप्लायर से मंगाते थे।
- पुराना रिकॉर्ड: दोनों आरोपी पहले भी लूट, डकैती और आर्म्स एक्ट के कई संगीन मामलों में शामिल रहे हैं।
- नेटवर्क को झटका: दिल्ली पुलिस का मानना है कि नरेंदर गैंग के इन दो अहम सदस्यों की गिरफ्तारी से इलाके में सक्रिय उनके आपराधिक नेटवर्क की कमर टूट गई है।
पुलिस की कार्रवाई
आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत नया मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब अलीगढ़ के उस हथियार सप्लायर की तलाश में जुटी है, जो इस गैंग को अवैध असलहे मुहैया कराता था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हाल के दिनों में इस गैंग ने दिल्ली-एनसीआर में और किन वारदातों को अंजाम दिया है।
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